मिलेनियम सिटी में बढ़ती धुंध और धुएं ने लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। जिले में ग्रेप-4 के नियम लागू हैं लेकिन उन नियमों का जिले के लोगों पर असर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है। कई इलाकों में कूड़े में आग लगाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे हवा जहरीली हो रही है। इस मामले को लेकर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यही वजह है कि जिले में नियमों की अवहेलना करने वालों पर कोई लगाम नहीं लग रही है।
जिले में हवा के लगातार जहरीली बनी रहने से लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रदूषण के कारण सांस से संबंधित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। बृहस्पतिवार को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 279 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के अनुसार, हवा की गुणवत्ता का यह स्तर खराब श्रेणी में दर्ज किया जाता है। वहीं, मानेसर में हवा की गुणवत्ता का स्तर 238 दर्ज किया गया है। मिलेनियम सिटी की हवा बीते दो महीनों से खराब श्रेणी में बनी हुई है। बढ़ते प्रदूषण के साथ ही शहर में ठंड बढ़ने लग गई है। बृहस्पतिवार की सुबह शहर के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोहरे के चलते कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर दर्ज की गई। पारा गिरने से शहर का अधिकतम तापमान 24.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में माइनस 2.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। तापमान गिरने से दिन के समय भी ठिठुरन महसूस की गई। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में तापमान 22 से 24 डिग्री के आसपास बना रह सकता है।
गुरुग्राम: कूड़े में आग लगाने की घटनाओं पर नहीं लग रही लगाम, धुएं से जहरीली हो रही हवा

