गुरुग्राम। आयकर विभाग की ओर से प्राॅपर्टी की खरीद-फरोख्त करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। विभाग की दस सदस्यीय टीम ने सोमवार को 24 घंटे तक मानेसर तहसील में छापा मारकर पांच साल में 28,702 करोड़ रुपये की रजिस्ट्रियों में गोल-माल का खुलासा किया है। टीम कुछ रिकाॅर्ड अपने साथ ले गई है। टीम पांच साल के दौरान प्रॉपर्टी खरीदने व बेचने वालों का पैन नंबर जानने में जुटी है। टीम यह देखेगी कि जमीन मालिकों की ओर से दाखिल किए जा रहे रिटर्न में इसका हवाला है अथवा नहीं।
आयकर विभाग की ओर साल भर पहले वजीराबाद तहसील में छापा मारकर राजस्व विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाया गया था। रजिस्ट्री के दौरान विभाग की ओर से पहचान पत्र और पैन नंबर तो लिए जाते हैं मगर उनके नंबर साॅफ्टवेयर में फीड नहीं हैं। विभाग जांच में जुटा है।
आयकर विभाग की टीम की ओर से मानेसर तहसील में पांच साल में हुई रजिस्ट्री की जांच की गई है। क्रेता व व्रिकेता के पहचान पत्र व पैन नंबर को साॅफ्टवेयर में फीड करने में अनियमितताएं मिली हैं जिन्हें ठीक कराया जाएगा।

