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IND Vs ENG: जानें कौन है ध्रुव जुरेल? जिन्हें मां ने सोने की चेन बेचकर दिलाई थी क्रिकेट किट, अब भारतीय Team में मिली सरप्राइज Entry !

ByIcndesk

Jan 14, 2024

Report By : Himanshu Garg (Sport News)

इन दिनों क्रिकेट के फैंस के बीच एक नाम काफी चर्चा में बना है ध्रुव जुरेल। हर कोई ये जानना चाहता है कि कौन है ध्रुव जुरेल जिन्हें इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों के लिए टीम इंडिया में शामिल कर लिया गया। बता दें ये पहली बार है जब इस ताबड़तोड़ विकेटकीपर बल्लेबाज को टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया से बुलावा आया है।

महज 22 साल के है ध्रुव जुरेल
राजस्थान रॉयल्स की ओर से IPL में धमाकेदार डेब्यू पारी खेलने वाले ध्रुव जुरेल अभी महज 22 साल के हैं। ध्रुव जुरेल ने अंडर-19 क्रिकेट से लेकर घरेलू टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। बताया जाता है कि बेहद कम उम्र में ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें क्रिकेटर बनना है और इसके लिए उनकी जिद और जुनून ने ही आज उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

इंटरव्यू में सुनाया थे कई किस्सा
दरअसल, जुरेल ने जब राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL 2023 में बैक टू बैक शानदार पारियां खेली तो उसके बाद एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने क्रिकेट से जुड़े कई किस्से सुनाए। इस किस्से में एक इमोशनल कहानी ये थी उनकी मां ने अपनी सोने की चेन बेचकर उन्हें क्रिकेट किट बैग दिलाया था। ईएसपीएन क्रिकइंफो से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया था कि ‘मैं 14 साल का था तो मैंने अपने पिता से कश्मीरी विलो बैट खरीदने के लिए कहा। तब यह 1500 से 2000 का था। उस समय यह बड़ी कीमत होती थी लेकिन मेरे पिता ने मुझे यह खरीदकर दिया। लेकिन जब पूरे किट बैग की बात थी तो फिर यह बहुत ज्यादा महंगा था।

ध्रुव जुरेल ने आगे बताया कि मैंने खुद को बाथरूम में लॉक कर लिया और उन्हें धमकी दे दी कि अगर मेरे लिए क्रिकेट किट नहीं लाए तो मैं भाग जाऊंगा। इस बात ने मेरी मां को भावुक किया और मां ने मेरे पिता को अपनी सोने की चेन दी और कहा कि इसे बेचकर किट ले आओ। ऐसा हुआ तो मैं बहुत खुश था लेकिन जब मैं चीजों को समझने लगा तब मुझे अहसास हुआ कि यह कितना बड़ा त्याग था।’

वहीं दूसरी तरफ जब जुरेल क्रिकेट में भविष्य बनाने के लिए आगरा से नोएडा आना-जाना करने लगे और उनके ट्रेवल में ज्यादा वक्त जाया होने लगा तो उनकी मां ने उन्हें नोएडा शिफ्ट होने की सलाह दी। अपने बेटे के लिए वह भी कुछ समय तक नोएडा में ही रहीं।

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