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VHP अध्यक्ष ने खोल दी अखिलेश यादव की पोल ! बताया BSP चीफ क्यों नहीं होगी समारोह में शामिल…

ByIcndesk

Jan 14, 2024

Report By : Himanshu Garg (UP Poltics)

बसपा प्रमुख मायावती को कल यानी शनिवार को विश्व हिंदू परिषद ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण दे दिया है। वीएचपी की मानें तो मायावती ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया, लेकिन बड़ी बात ये है कि वह समारोह में शामिल नहीं होंगी। जिसके बाद एक बार फिर यूपी की सियासत का पारा हाई हो गया। हाल ही में अखिलेश यादव ने कहा था कि उन्हें अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण नहीं दिया गया। इसके जवाब में विश्व हिंदू परिषद ने कहा था कि उत्तर प्रदेश के दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों, अखिलेश यादव और मायावती को 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह में आमंत्रित किया गया।

इस मामले को लेकर विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने मीडिया के साथ रूबरू होते हुए कहा कि ‘अखिलेश यादव को कूरियर द्वारा निमंत्रण भेजा गया था। उस पर कोई विवाद नहीं है। अगर उनके दावे के अनुसार उन्हें यह नहीं मिला है तो हम उन्हें दोबारा निमंत्रण भेज सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ मायावती को भेजे गए न्योते पर विहिप के अध्यक्ष ने बताया कि मायावती को हमारा निमंत्रण मिला है। उन्होंने इसे स्वीकार किया, लेकिन समारोह में शामिल नहीं होंगी। सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया गया है।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को भी 22 जनवरी के समारोह में आमंत्रित किया गया है, लेकिन वे नहीं आएंगे। क्योंकि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की यात्रा को लेकर कई तरह के प्रोटोकॉल होते हैं।

बताते चले कि अखिलेश यादव ने पहले कहा था कि अगर उन्हें आमंत्रित किया जाएगा तो वह अयोध्या जाएंगे। लेकिन बाद में उन्होंने कहा, ‘भगवान जिसे बुलाए तो उसे कौन रोक सकता है। भगवान राम जब बुलाएंगे तो मैं अयोध्या चला जाऊंगा। मैं किसी ऐसे व्यक्ति के निमंत्रण पर कैसे जा सकता हूं, जिसे मैं जानता नहीं’।

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}
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