देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले कुछ दिनों से भारी उथल-पुथल से गुजर रही है। 1 दिसंबर 2025 से शुरू हुए संकट के बाद से अब तक 2000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, और एयरलाइन की सेवाएं अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटी हैं। अचानक कैंसिलेशन और लंबी देरी ने यात्रियों को गंभीर परेशानी में डाल दिया है—कई बिजनेस यात्राएं, मेडिकल इमरजेंसी और परिवार लौटने की योजनाएं अधर में फंस गईं।
यह पूरा संकट तब शुरू हुआ जब DGCA ने नए Flight Duty Time Limitations (FDTL) नियम लागू किए। इन नियमों में पायलट और क्रू के लिए साप्ताहिक आराम को 48 घंटे कर दिया गया, रात के समय उड़ानों पर अधिक पाबंदियां लगाई गईं और “नाइट आवर्स” की अवधि बढ़ा दी गई। पायलटों की थकान कम करने और उड़ानों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बनाए गए ये नियम लागू होते ही इंडिगो की ऑपरेशनल क्षमता पर भारी असर पड़ा। एयरलाइन को क्रू की उपलब्धता के अनुसार नया शेड्यूल तैयार करने में कठिनाई हुई, खासकर नाइट और वीकेंड उड़ानों में पायलटों की कमी सबसे बड़ी चुनौती बन गई।
3 और 4 दिसंबर को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कई अन्य बड़े एयरपोर्ट्स से सैकड़ों उड़ानें अचानक रद्द हो गईं। कई जगह यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं और एयरपोर्ट टर्मिनल रात भर भरे रहे। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हालात सबसे ज्यादा बिगड़े, जहां आधी रात से सुबह तक 19 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
इस बीच यात्रियों की भारी शिकायतों और बढ़ते तनाव को देखते हुए DGCA ने 5 दिसंबर को कुछ प्रमुख नियमों में अस्थायी राहत दी। साप्ताहिक आराम से जुड़े प्रतिबंधों में ढील दी गई और पायलटों के लिए नाइट ड्यूटी व लैंडिंग संबंधी नियमों को अस्थायी रूप से नरम किया गया, ताकि एयरलाइन अपने शेड्यूल को फिर से स्थिर कर सके। इसके बाद इंडिगो ने कहा है कि ऑपरेशन धीरे-धीरे सामान्य होंगे और यात्रियों से असुविधा के लिए माफी भी मांगी।
संकट गहराने पर रेलवे भी यात्रियों की मदद के लिए आगे आया। नॉर्दर्न रेलवे ने जम्मू-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में अतिरिक्त AC कोच जोड़ा, जबकि पश्चिम रेलवे ने साबरमती-दिल्ली जंक्शन के बीच विशेष सुपरफास्ट ट्रेन चलाने का फैसला किया, ताकि हवाई यात्रा रद्द होने से फंसे लोगों को विकल्प मिल सके।
सरकार ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए इंडिगो उड़ान संकट की जांच के लिए उच्च-स्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया है। जांच में यह माना जा रहा है कि सर्दियों में बढ़ती उड़ानों, क्रू की कमी और नए नियमों को तुरंत लागू करने से एयरलाइन पर दबाव अचानक बढ़ गया था, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
दिल्ली के IGI एयरपोर्ट ने भी एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से आग्रह किया है कि घर से निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें। एयरलाइन सोशल मीडिया और वेबसाइट पर लगातार अपडेट दे रही है।
फिलहाल इंडिगो स्थिति को सामान्य करने की कोशिश में जुटी है। DGCA के साथ मिलकर क्रू मैनेजमेंट और उड़ान शेड्यूल को दोबारा व्यवस्थित किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में हालात स्थिर हो जाएंगे, लेकिन यात्रियों को अभी भी सतर्क रहकर फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।