मृत महिला की पहचान 56 वर्षीय कमला बाई के रूप में हुई है। उन्हें 1 जनवरी से लगातार उल्टी-दस्त की समस्या थी। हालत बिगड़ने पर 7 जनवरी को उन्हें एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, कमला बाई पहले से किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं और उन्हें डायलिसिस की सलाह दी गई थी, लेकिन यह प्रक्रिया नहीं कराई जा सकी। इसी आधार पर डॉक्टरों ने उनकी मौत को सीधे तौर पर दूषित पानी से जोड़ने से इनकार किया है।
सोमवार को इसी इलाके में भगवानदास पिता तुकाराम भरणे की भी मौत हो गई। वे पिछले 10 दिनों से एक निजी अस्पताल में भर्ती थे और अन्य बीमारियों के साथ-साथ उल्टी-दस्त से भी जूझ रहे थे। इन दोनों मौतों को मिलाकर भागीरथपुरा में कुल मृतकों की संख्या 23 हो चुकी है। इनमें महिलाओं की संख्या अधिक है, जबकि एक नवजात की मौत भी पहले ही हो चुकी है।
प्रशासन ने दो ऐसे मामलों को भी मुआवजा सूची में शामिल किया है, जिनकी मौत 5 जनवरी से पहले हुई थी। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में इलाके में राहत और उपचार कार्य जारी है।
अब भी गंभीर स्थिति में मरीज
भागीरथपुरा में डायरिया से पीड़ित 13 मरीज अब भी आईसीयू में भर्ती हैं। इसके अलावा 42 अन्य मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब तक कुल 427 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 385 को छुट्टी मिल चुकी है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बस्ती के आयुष्मान क्लिनिक में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती की गई है और एहतियातन दो एम्बुलेंस भी इलाके में लगातार मौजूद रखी गई हैं।

