इलाज के बाद 30 दिनों के भीतर अस्पताल के बिल और अन्य आवश्यक दस्तावेज बीमा कंपनी को भेजकर क्लेम के लिए आवेदन किया गया। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम अस्वीकार कर दिया कि कोविड काल में बुखार होने पर घर पर रहकर भी इलाज संभव था और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं थी। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने प्रस्तुत तथ्यों का अवलोकन करते हुए कहा कि मरीज के इलाज और भर्ती का निर्णय उसकी स्थिति के अनुसार चिकित्सक ही ले सकता है। बीमा कंपनी यह तय नहीं कर सकती कि मरीज का इलाज किस प्रकार किया जाना चाहिए। आयोग ने माना कि इलाज का खर्च न देकर बीमा कंपनी ने सेवा में कमी की है। जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह 30 दिनों के भीतर इलाज खर्च की 60 हजार रुपये की राशि छह प्रतिशत ब्याज सहित अदा करे।
ग्रेटर नोएडा: इलाज के खर्च की राशि का भुगतान करेगी बीमा कंपनी
इलाज के बाद 30 दिनों के भीतर अस्पताल के बिल और अन्य आवश्यक दस्तावेज बीमा कंपनी को भेजकर क्लेम के लिए आवेदन किया गया। बीमा कंपनी ने यह कहते हुए क्लेम अस्वीकार कर दिया कि कोविड काल में बुखार होने पर घर पर रहकर भी इलाज संभव था और अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं थी। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने प्रस्तुत तथ्यों का अवलोकन करते हुए कहा कि मरीज के इलाज और भर्ती का निर्णय उसकी स्थिति के अनुसार चिकित्सक ही ले सकता है। बीमा कंपनी यह तय नहीं कर सकती कि मरीज का इलाज किस प्रकार किया जाना चाहिए। आयोग ने माना कि इलाज का खर्च न देकर बीमा कंपनी ने सेवा में कमी की है। जिला उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह 30 दिनों के भीतर इलाज खर्च की 60 हजार रुपये की राशि छह प्रतिशत ब्याज सहित अदा करे।

