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अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस: Mangalayatan University में संगोष्ठी का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर हुआ संगोष्ठी का आयोजनअंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर हुआ संगोष्ठी का आयोजन

Mangalayatan University में अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-6 द्वारा “समझदारी की बात सबके साथ” विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

एनएसएस की विश्वविद्यालय कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पूनम रानी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने 12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में घोषित किया है। उन्होंने युवाओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अपनी योग्यता और क्षमताओं को पहचानने की सलाह दी। डॉ. कविता शर्मा ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए युवा शक्ति को प्रोत्साहित किया, जबकि डॉ. संजय पाल ने युवाओं को समाजहित में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने रोजगार, नशा मुक्ति, एड्स जागरूकता और नैतिक मूल्यों पर जोर देते हुए युवाओं को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।

संगोष्ठी में छात्र-छात्राओं ज्योति कुमारी (BCA), तौसीफ अहमद (B.Pharm) और आकाश कुमार (IBMC) ने अपने विचार प्रस्तुत किए और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर सही मार्ग पर चलने का संदेश दिया। कार्यक्रम अधिकारी भावना राज ने सभी का आभार व्यक्त किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके दशोरा, रजिस्ट्रार ब्रिगेडियर समरवीर सिंह, मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा और डीन एकेडेमिक्स प्रो. राजीव शर्मा ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में दीपिका गुप्ता, उदय सिंह, डॉ. अनुराधा यादव, मनीषा उपाध्याय सहित कई शिक्षक, विद्यार्थी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

आप थके हुए हैं पर आपका दिमाग जगा हुआ क्यों है
{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}
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