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IPL 2025 Schedule Live Streaming: जानें कब और कहां देखें आईपीएल शेड्यूल का लाइव प्रसारण मुफ्त में

Report By : ICN Network

IPL 2025 Schedule Live Streaming: इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का शेड्यूल 16 फरवरी 2025 को शाम 5:30 बजे घोषित होने की संभावना है, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग कब से शुरू होगी।

IPL 2025 Schedule Live Streaming: इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के शेड्यूल की घोषणा रविवार, 16 फरवरी को शाम 5:30 बजे की जाएगी। सभी 10 टीमें अपने मैचों की जानकारी का इंतजार कर रही हैं, और टूर्नामेंट के 18वें संस्करण में ट्रॉफी जीतने के लिए कौन-कौन सी टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी, इस पर भी सभी की निगाहें रहेंगी। आईपीएल के आधिकारिक प्रसारकों ने इस तारीख और समय की पुष्टि की है। उद्घाटन मैच 22 मार्च को खेले जाने की संभावना है, जबकि फाइनल 25 मई को हो सकता है।

चेन्नई और मुंबई का मुकाबला 23 मार्च को संभव

पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स रुतुराज गायकवाड़ की अगुवाई में अपने आईपीएल 2025 अभियान की शुरुआत 23 मार्च को अपने घरेलू मैदान एमए चिदंबरम स्टेडियम में हार्दिक पांड्या की अगुवाई वाली मुंबई इंडियंस के खिलाफ कर सकती है. मुंबई भी पांच बार की चैंपियन है. सीएसके और एमआई दोनों ने अपनी कप्तानी में बदलाव किया है. हार्दिक ने पिछले सीजन में रोहित शर्मा की जगह ली है, जबकि गायकवाड़, एमएस धोनी की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं.

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“‘मेरे सवालों पर कथा साहित्य का प्रभाव पड़ा’: कार्लो गिंज़बर्ग (1939-2026), माइक्रोहिस्ट्री के प्रणेता”],”content_results”:[“कार्लो गिंज़बर्ग: माइक्रोहिस्टोरी के क्षेत्र के प्रणेता का निधनइतालवी इतिहासकार कार्लो गिंज़बर्ग, जिन्हें माइक्रोहिस्टोरी के संस्थापकों में से एक माना जाता है, का 17 जून 2026 को निधन हो गया। उनकी उम्र 87 वर्ष थी। गिंज़बर्ग ने इतालवी पुनर्जागरण से लेकर प्रारंभिक आधुनिक यूरोपीय इतिहास तक विभिन्न विषयों में अपना योगदान दिया। उनकी गहन शोध प्रणाली और दृष्टिकोण ने इतिहास लेखन में क्रांतिकारी बदलाव लाए।गिंज़बर्ग की प्रमुख रचनाओं में The Cheese and the Worms: The Cosmos of a Sixteenth Century Miller, The Night Battles, तथा Ecstasies: Deciphering the Witches’ Sabbath शामिल हैं। इन कार्यों ने न केवल इतिहास को नये आयाम दिए, बल्कि कला इतिहास, साहित्य अध्ययन और इतिहासलेखन के सिद्धांतों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला।उन्होंने 2010 में बाल्ज़न पुरस्कार प्राप्त किया और 2013 में अमेरिकी फिलॉसफिकल सोसाइटी के अंतरराष्ट्रीय सदस्य के रूप में चुने गए।2019 में कोलकाता में भारतीय प्रकाशक नवीन किशोर के साथ बातचीत के दौरान, गिंज़बर्ग ने अपनी पेशेवर यात्रा, यहूदी धर्म के प्रति अपने “बनने” की प्रक्रिया, विराम चिह्नों के प्रति जुनून और अपनी रचनात्मक सोच पर कथा साहित्य के गहरे प्रभाव के बारे में चर्चा की।उन्होंने कहा, “ऐसे संवाद आमतौर पर बीच में शुरू होते हैं, जिसमें पहले की बातचीत का अनुभव और आगे की चर्चा की उम्मीद जुड़ी होती है। इसलिए मैं सीधे अपने विषय में उतर जाता हूँ।” उनके अनुसार, “एक ऐसे जीवंत परिदृश्य में प्रवेश करना जो पहले किसी ने नहीं देखा, अत्यंत रोमांचकारी होता है। सबसे पहले अपनी जड़ों की खोज करना, फिर इतिहास के जीवन के संकेतों को समझना, और अंततः इतिहासकार बनना एक गहन अनुभव है।”कार्लो गिंज़बर्ग ने माइक्रोहिस्टोरी को एक नई दिशा दी और इतिहास को अधिक मानवीय, सूक्ष्म एवं व्यावहारिक संदर्भों में समझने की विधि पेश की। उनके विचार और शोध आज भी इतिहासकारों एवं विद्वानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।”]}