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UP-बाँदा में बाबा के बुलडोजर में निकली कलश यात्रा, बनी कौतूहल का विषय डीजे पर जमजर थिरके श्रदालु

उत्तर प्रदेश में बाबा का बुलडोजर सीएम योगी के आदेश का भले ही काफी समय से इंतजार कर रहा हो लेकिन यहां के युवाओं बुलडोजर को लेकर जो उत्साह है वह इस कलश यात्रा में देखा जा सकता है। बुलडोजर में कलश यात्रा को लेकर कौतूहल बना हुआ है।आपको बता दे पूरा मामला पैलानी थाना अंतर्गत सिंधन कला गांव का है जहां श्री राम महायज्ञ का आयोजन किया गया जिसकी कलश यात्रा निकाली गई।

109 कुंडय यज्ञ के शुभारंभ में यह कलश यात्रा भव्य और विशाल रूप में निकाली गई जिसमें भक्त अदभुत और खतरनाक कला का प्रदर्शन करते हुए भी नजर आए वही कलश में बाबा के बुलडोजर ने कौतूहल मचा दिया। डीजे गाजे बाजे के साथ एक बुलडोजर भी इस कलश यात्रा में विचरण करते नजर आया जिसमें बैठे कुछ युवा जय श्री राम के नारे लगाते नजर आए और इस बुलडोजर में कलश यात्रा का झंडा भी नजर आया उत्तर प्रदेश में भले ही बुलडोजर प्रशासनिक और शासनिक आदेश का इंतजार कर रहा हो लेकिन उत्तर प्रदेश में बाबा के बुलडोजर ने कुछ इस कदर जगह बना रखी है की हर छोटे बड़े कार्यक्रम में युवा बुलडोजर लेकर सड़क पर निकल आते हैं कई बार विवाह कार्यक्रम में भी लोगों ने बुलडोजर का प्रयोग किया है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलडोजर का प्रयोग माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ किया था लेकिन अब यह बुलडोजर ट्रेंड बन चुका है और लोग इसका प्रदर्शन हर छोटे बड़े कार्यक्रम में करते नजर आते हैं। अब यह बुलडोजर हर छोटे बड़े कार्यक्रम में प्रयोग करना और इसका प्रदर्शन करना कितना सही है यह तो देखने वाली बात है।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)

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{“title_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु घनघोर भगदड़ मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामले वापस लिए”],”content_results”:[“कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु स्टेडियम भगदड़ मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हटाईकर्नाटक सरकार ने मंगलवार को 2025 में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुई भगदड़ मामले में तीन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही को औपचारिक रूप से बंद कर दिया। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक व्यक्ति घायल हुए थे।इस कदम के तहत सरकार ने पूर्व बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी दयानंद, पूर्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश कुमार विकाश और पूर्व उप पुलिस आयुक्त (सेंट्रल) शेखर एच टेक्कनवर को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह निर्णय अधिकारियों की लिखित सफाई और प्रशासनिक विभाग की सिफारिशों की समीक्षा के बाद लिया गया है।यह भगदड़ घटना 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के गेट नंबर 3 पर हुई थी, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की इंडियन प्रीमियर लीग जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक इकट्ठा हुए थे। घटना के तुरंत बाद, सरकार ने पांच पुलिस अधिकारियों को “अश्रीर और लापरवाह” होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इन अधिकारियों में दयानंद, विकाश, टेक्कनवर, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सी बालाकृष्ण और कजबन पार्क इंस्पेक्टर ए के गिरिश शामिल थे।28 जुलाई 2025 को विकाश को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों का निलंबन वापस ले लिया गया था। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकाश ने इस निलंबन को चुनौती देने के लिए केंद्रीय प्रशासनिक त्रिपाठी न्यायाधिकरण (CAT) का रुख किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और सरकार को निर्देश दिया कि वे उनके साथ भी समान व्यवहार करें। इसके बाद राज्य सरकार ने उनकी निलंबन की स्थिति को समाप्त कर दिया।यह निर्णय पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी और प्रशासनिक प्रक्रिया की गहन जांच के बाद लिया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि मामले में कोई ऐसी लापरवाही नहीं पाई गई जिससे अनुशासनात्मक कार्रवाई आवश्यक हो। इस मामले की समीक्षा से यह भी स्पष्ट हुआ कि पूर्व में लिए गए निर्णयों में न्यायसंगत कारणों की कमी थी।सरकार की यह कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया और तर्कसंगत निर्णय के पक्ष में एक मजबूत संदेश है। साथ ही, यह घटनाओं के प्रति प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही के मानकों को संतुलित करने का प्रयास भी है।”]}