• Wed. Feb 18th, 2026

नोएडा: दूसरे दिन श्रीधाम वृन्दावन से पधारे कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने श्री शालिग्राम जी की महिमा का वर्णन

ByAnkshree

Dec 18, 2025

नोएडा के तत्वावधान में सेक्टर-19, शनि मैदान, नोएडा में विशाल श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। आज कथा के दूसरे दिन श्रीधाम वृन्दावन से पधारे कथा व्यास भागवत रत्न आचार्य श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने श्री शालिग्राम जी की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जिस घर में श्री शालिग्राम जी का विग्रह विद्यमान होता है, वह घर एक किलोमीटर की परिधि में तीर्थस्थल बन जाता है। अतः हमें श्री शालिग्राम जी की सेवा अवश्य करनी चाहिए।

महाराज श्री ने आज की युवा पीढ़ी को माता-पिता की सेवा एवं देशभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देवी माँ के मंदिर में माता रानी को चुनरी चढ़ाने के साथ-साथ अपनी माँ और पिता की सदैव सेवा एवं सम्मान करें। जिस पुत्र के माता-पिता सुखी और प्रसन्न रहते हैं तथा उनका सम्मान किया जाता है, उसे प्रभु की कृपा प्राप्त होती है। ऐसा व्यक्ति जीवन में निरंतर प्रगति के नए-नए सोपान तय करता है।

माता-पिता का भी यह कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को देशप्रेम और देशभक्ति की शिक्षा दें। जिस मातृभूमि में हमने जन्म लिया है, उसके प्रति भी हमारे कुछ कर्तव्य हैं, जिनका पालन हमें अवश्य करना चाहिए।

श्रीमद्भागवत महापुराण का महत्व बताते हुए महाराज श्री ने कहा कि यह कलिकाल के समस्त पापों का समूल नाश करती है। श्रीमद्भागवत में जीवन से संबंधित सभी प्रश्नों और शंकाओं का समाधान विद्यमान है। कथा के श्रवण से भक्ति, शक्ति और मुक्ति की प्राप्ति होती है। जहां भी श्रीमद्भागवत की कथा होती है, वहां भगवान स्वयं उपस्थित होकर अपनी कथा का श्रवण करते हैं। जो भक्त लज्जा का त्याग कर संसार की परवाह न करते हुए प्रभु के लिए अश्रु बहाता है और नृत्य करता है, वह अपने साथ-साथ संपूर्ण संसार को भी पवित्र कर देता है।

श्रीमद्भागवत में कहा गया है कि सदैव सत्य का ध्यान करें और सत्य का पालन करें। महाराज श्री ने कहा कि सनातन धर्म भी सदा सत्य है। सनातन धर्म के अंतर्गत सत्य आचरण, अहिंसा, प्रभु सेवा एवं अच्छे आचरण पर विशेष बल दिया गया है। महाराज श्री के श्रीमुख से कथा-रस और मधुर भजनों को सुनकर श्रोतागण भावविभोर हो उठे तथा मंत्रमुग्ध होकर नृत्य करने लगे।

कथा में अध्यक्ष श्री देवेंद्र गंगल जी, सचिव श्री राम रतन शर्मा जी, मुख्य यजमान श्री वेदप्रकाश गोयल सहित पंकज जिंदल, अल्पेश गर्ग, के.के. बंसल, सौरभ अग्रवाल, संजय बाली, प्रताप मेहता, राकेश कटयाल, विपिन मल्हन, प्रदीप अग्रवाल, अतुल वर्मा, संजय गोयल, संदीप अग्रवाल, अनुज गुप्ता, राघव अग्रवाल, रोहतास गोयल, भूपेंद्र मित्तल, राजीव अजवानी, मुकेश गुप्ता, केशव गंगल, कुलदीप कटिहार, मनीष अग्रवाल, एन.के. गुप्ता, अभय अग्रवाल, महेश बाबू गुप्ता, अक्षय पारीक, कुलदीप गुप्ता, निखिल गुप्ता, सत्यनारायण गोयल, अनुज मंगल, चंद्रेश शर्मा, सुमित अग्रवाल, आशीष जिंदल, राजेश बंसल, राजीव गर्ग एवं के.के. बंसल उपस्थित रहे।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )