कुमारस्वामी ने इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों को बढ़ावा देने के लिए आयोजित की उच्चस्तरीय बैठक
नई दिल्ली। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को देशभर में इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों को बढ़ावा देने के लिए एक उच्चस्तरीय हितधारक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मकसद इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के तेजी से अपनाने में आने वाली चुनौतियों को समझना और सरकार व निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को मजबूत करना था।
इस बैठक में फ्लीट ऑपरेटर, एग्रीगेटर, परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधि, वित्तीय और लीजिंग संस्थान, तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़े उद्योग विशेषज्ञ शामिल थे। उन्होंने वित्तीय सहायता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, फ्लीट संचालन, व्यावसायिक व्यवहार्यता और दीर्घकालिक इकोसिस्टम समर्थन से जुड़ी समस्याओं पर अपने अनुभव साझा किए।
बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सचिव कमरान रिजवी भी शामिल थे, उपस्थित रहे और भारत में इलेक्ट्रिक भारी वाहनों के भविष्य के रोडमैप पर अपने विचार साझा किए। कुमारस्वामी ने कहा कि इलेक्ट्रिक बसें यात्री परिवहन की मुख्य धुरी बनेंगी, जबकि इलेक्ट्रिक ट्रक लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन के क्षेत्र में स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होंगे।
कुमारस्वामी ने स्पष्ट किया, “भारत स्वच्छ और प्रभावी परिवहन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। ई-बसें यात्री परिवहन का भविष्य हैं और ई-ट्रक लॉजिस्टिक्स एवं फ्रेट ट्रांसपोर्ट के अगले दौर को परिभाषित करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उद्योग और ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को व्यावहारिक, समावेशी और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके।
मंत्री ने जोर दिया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टिकाऊ विकास, परिचालन दक्षता तथा जिम्मेदार शासन के विजन के अनुरूप है। बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रति विश्वास बढ़ेगा। चर्चा में शहरी, अंतर-शहरी और माल परिवहन नेटवर्क में ई-बसों और ट्रकों की व्यापक तैनाती हेतु मजबूत इकोसिस्टम बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
यह परामर्श बैठक भारत में टिकाऊ भारी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में भारी उद्योग मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।