• Sat. Feb 21st, 2026

लाडकी बहिन योजना: संक्रांति पर आएंगे 3000 या चुनाव के बाद? अजित पवार ने स्थिति कर दी स्पष्ट

महाराष्ट्र की राजनीति में अहम भूमिका निभा रही ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ एक बार फिर चर्चा में है। नगर निगम चुनाव से ठीक पहले योजना की किस्त को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। महायुति सरकार जहां दिसंबर और जनवरी की कुल 3,000 रुपये की राशि मकर संक्रांति से पहले जारी करने की तैयारी में है, वहीं कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताई है।
इसी बीच राज्य के वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पूरे मामले पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा मकर संक्रांति के अवसर पर महिलाओं को यह राशि तोहफे के रूप में देने की है। हालांकि, यदि चुनाव आयोग की ओर से कोई निर्देश या आपत्ति सामने आती है, तो किस्त 14 जनवरी के बजाय 16 जनवरी को जारी की जाएगी। पवार ने कहा कि सरकार हर हाल में नियमों का पालन करेगी।
दरअसल, कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि योजना की किस्त मतदान के बाद ही दी जाए। हालांकि पार्टी का कहना है कि उसे योजना से आपत्ति नहीं है, लेकिन समय को लेकर उठाए गए सवालों ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है।
अजित पवार ने नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान महायुति के भीतर मतभेदों की चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कमियों की ओर इशारा करना गठबंधन धर्म के खिलाफ नहीं है। साथ ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ‘अब मेरा गला खुल गया है’ वाले बयान पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब नौ साल से चुनाव ही नहीं हुए, तो गला खुलने का सवाल ही कहां उठता है।
वहीं दूसरी ओर, देवेंद्र फडणवीस ने नासिक में आयोजित एक बैठक के दौरान विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि जब तक वे सत्ता में हैं, लाडकी बहिन योजना को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने बताया कि अब तक 50 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाने का है।
फिलहाल, महिलाओं की नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि लाडकी बहिन योजना की राशि उन्हें मकर संक्रांति से पहले मिलेगी या चुनाव के बाद—जिस पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग के रुख के बाद तय होगा।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)