स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में उन्नत बाल चिकित्सा अस्थि शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी) सुविधाओं का शुभारंभ किया जाएगा। इस नई पहल से क्षेत्र के हजारों बच्चों को अत्याधुनिक और समय पर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
जिम्स द्वारा शुरू की गई यह सुविधा विशेष रूप से उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी जो जन्मजात हड्डी विकारों, फ्रैक्चर, हड्डियों के असामान्य विकास, क्लबफुट, और अन्य जटिल ऑर्थोपेडिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। अब तक ऐसे मामलों के लिए मरीजों को बड़े शहरों या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की अधिक खपत होती थी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस सुविधा से प्रतिवर्ष 1000 से अधिक बच्चों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि संस्थान में अब आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, उन्नत इमेजिंग तकनीक और बाल रोग विशेषज्ञों व अस्थि शल्य चिकित्सकों की एक प्रशिक्षित टीम उपलब्ध है। यह टीम बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष देखभाल और सर्जिकल प्रक्रियाएं सुनिश्चित करेगी।
जरूरतमंदों को मिलेंगी सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाएं :
जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिम्स का उद्देश्य न केवल उपचार प्रदान करना है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाना भी है। नई सुविधा से न सिर्फ स्थानीय बल्कि आसपास के जिलों और राज्यों के मरीजों को भी फायदा मिलेगा। उनका कहना है कि बच्चों में हड्डी संबंधी समस्याओं का समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है, क्योंकि यह उनके शारीरिक विकास और भविष्य की जीवन गुणवत्ता पर सीधा प्रभाव डालता है।

