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ग्रेटर नोएडा: हत्या के जुर्म में दोषी को अजीवन कारावास

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व पॉक्सो (तृतीय) की अदालत ने एक व्यक्ति की हत्या करने वाले धर्मवीर सिंह निवासी वेदपुरा गांव ग्रेटर नोएडा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई हैं। साथ ही 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 75 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस मामले में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव व संदेह का लाभ देकर एक आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। जबकि एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।

अधिवक्ता ने बताया कि 31 मार्च, 2011 को वेदपुरा गांव निवासी धीरज सिंह ने बिसरख कोतवाली में केस दर्ज कराया था। पुलिस को बताया था कि उसका भाई कल्लू साहिबाबाद के एक निजी स्कूल में चपरासी की नौकरी करता था। 29 मार्च, 2011 की सुबह 8:30 बजे वो रोजाना की तरह स्कूल गया था। रात करीब 9:30 बजे पड़ोसी सतवीर को मारीपत रेलवे स्टेशन पर मिला था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। 31 मार्च की सुबह उसका शव पड़ोसी गांव सादुल्लापुर के जंगल में मिला था। भाई धीरज ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया, लेकिन अप्रैल माह में वादी ने वेदपुरा गांव निवासी धर्मवीर सिंह पर शक जाहिर कर पुलिस को शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने जांच की। जांच के बाद पुलिस ने धर्मवीर सिंह की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू व अन्य सामान बरामद किया।

पुलिस ने जुलाई में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की तरफ से कोर्ट में महेंद्र व अशोक का नाम भी केस में शामिल कराया। महेंद्र की मौत हो चुकी है।
अधिवक्ता ने बताया कि मृतक का आरोपियों के साथ पैसों के लेनदेन का विवाद था। इसी मामले में घटना से तीन-चार दिन पहले आरोपियों के साथ झगड़ा भी हुआ था। धर्मवीर की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किया गया। शव भी दोषी धर्मवीर के खेत में मिला था। इन मजबूत साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने धर्मवीर सिंह को हत्या का दोषी करार दिया है। जबकि अशोक को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। कोर्ट ने धर्मवीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो अलग-अलग धाराओं में कुल 12 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )