Report By : ICN Network
रेल अधिकारी ने बताया कि पटरियों के घुमावदार होने के कारण ट्रेन (कर्नाटक एक्सप्रेस) की दृश्यता और इसके ब्रेक लगने की दूरी प्रभावित हुई.’’ रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस खंड पर ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से चलती हैं
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में बुधवार शाम कर्नाटक एक्सप्रेस के एक ट्रेन हादसे में कम से कम 12 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब एक ट्रेन में आग की अफवाह फैलने के बाद कुछ यात्री पटरी पर उतर गए और विपरीत दिशा से आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पटरियों के घुमावदार होने के कारण कर्नाटक एक्सप्रेस की दृश्यता प्रभावित हुई, जिसके कारण दुर्घटना हुई। इस खंड पर ट्रेन की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक होती है, और ब्रेक लगाने की दूरी भी अधिक हो सकती है

दोनों ट्रेनों के चालक दिशानिर्देशों का पालन करते हुए पूरी कोशिश की थी, लेकिन घुमावदार पटरियों के कारण कर्नाटक एक्सप्रेस के चालक को पुष्पक एक्सप्रेस की ‘फ्लैशर लाइट’ देखे जाने के बाद भी ब्रेक लगाने में मुश्किल आई
सीआरएस अधिकारी मनोज अरोड़ा ने घटना स्थल का दौरा किया और यात्रियों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। वे दुर्घटना में शामिल रेलगाड़ियों के चालक दल के सदस्यों से भी पूछताछ करेंगे
इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या घुमावदार पटरियां और तेज गति से चलने वाली ट्रेनें इस तरह के हादसों का कारण बन सकती हैं, और क्या इसे सुधारने के उपाय किए जा सकते हैं

