केन-बीतवा नदियों को जोड़ने की परियोजना के विरोध में विरोध प्रदर्शनकारियों के नेता अमित भटनागर को हिरासत में लिया गया
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रूप में केन-बीतवा नदी लिंकिंग परियोजना को लेकर लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में रविवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को हिरासत में लिया। भटनागर इस आंदोलन के प्रमुख नेता हैं और उन्होंने पिछले 14 दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन किया था।
केन-बीतवा लिंक परियोजना भारत की पहली नदी अंतरलिंकिंग योजना है जिसका उद्देश्य केन नदी के अधिशेष जल को बीतेबा नदी के जलसंकट वाले क्षेत्र में स्थानांतरित कर सिंचाई और पेयजल सुविधा प्रदान करना है। यह परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सूखे प्रभावित इलाकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, परियोजना के जमीन अधिग्रहण, पुनर्वास और मुआवजा वितरण में अनियमितताओं को लेकर किसानों और स्थानीय परिवारों में भारी असंतोष है, जिसके कारण पिछले दो सप्ताह से कूपी गांव में विरोध प्रदर्शन जारी था।
छतरपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पातले ने बताया कि भटनागर को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि हिरासत में लेकर उपचार हेतु स्थानीय अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा लगभग 150 अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लेकर पन्ना जिले भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए कई लोग स्थानीय नहीं बल्कि पन्ना जिले के हैं, जो अन्य डैम परियोजनाओं के विरोध से जुड़े थे। पुलिस ने उन्हें इलाके की शांति बनाए रखने के लिए हिरासत में लिया।
इससे पहले अमित भटनागर ने इस परियोजना के प्रभावों और विरोध की वजहों पर स्थानीय मीडिया से चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने न्यायपूर्ण समाधान और प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
परियोजना के समर्थन में सरकार का कहना है कि यह क्षेत्रीय जल संकट को दूर करते हुए आर्थिक विकास में सहायक होगी, जबकि विरोधकर्ताओं को अपने हितों के संरक्षण के लिए उचित मुआवजा और पुनर्वास योजना लागू किए जाने की आवश्यकता है।
स्थिति नियंत्रण में है लेकिन विरोध की जड़ें अभी भी जमी हुई हैं, और सभी पक्षों से संवाद व समन्वय से ही भविष्य में स्थायी समाधान की उम्मीद की जा सकती है।