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अपडेट्स: सोनम वांगचुक ने कहा वे भूख हड़ताल जारी रखेंगे, CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ‘बर्बरता’ की निंदा की

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Jul 20, 2026 #Cjp, #source
Updates: Sonam Wangchuk says he will continue fast, condemns police ‘brutality’ during CJP protest

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी रखने की घोषणा, दिल्ली में CJP प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति

प्रख्यात पर्यावरण और युवा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार शाम को अपने भूख हड़ताल जारी रखने का संकल्प जताया, जब उन्होंने दिल्ली के जान्ता सरकार पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों के साथ हुई पुलिस की कथित ‘बर्बरता’ देखी। ये प्रदर्शन दिल्ली के जंतर मंतर से संसद तक मार्च कर रहा था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक युवा नेताओं को सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या फिर जब तक उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में सांसदों से मिलने का अवसर न मिले। अस्पताल से जारी किए गए एक नोट में उन्होंने कहा, “मैं इस बात से प्रभावित और भावुक हूं कि युवाओं ने उकसावे के बावजूद शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया।

दिन भर में, जान्ता सरकार पार्टी ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले फेंकने का आरोप लगाया। पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई को ‘‘क्रूर लाठीचार्ज’’ बताया और इसे लोकतंत्र के लिए ‘‘काला दिन’’ करार दिया।

इस आंदोलन की मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है, जिन पर प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रबंधन में कथित लापरवाही का आरोप है।

महत्वपूर्ण अपडेट्स:

पार्लियामेंट के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई, आंसू गैस के गोले दागे गए

  • जान्ता सरकार पार्टी ने सवाल उठाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों किया। ‘‘माननीय नरेन्द्र मोदी जी, क्या आपने तय कर लिया है कि अब हम लोकतंत्र नहीं रहे?’’ अभियान ने पूछा। ‘‘पहले आपकी सरकार ने एक महीने तक इस प्रदर्शन की अनदेखी की और अब जब हम शांति से मार्च कर रहे हैं तो आपकी सरकार हम पर हमला कर रही है।’’
  • जान्ता सरकार पार्टी के सदस्यों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की और लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन को सार्वजनिक किया।
यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की शिक्षा नीति और प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन के अलावा युवाओं की आवाज़ को प्रमुखता देने की मांग करता है। प्रशासन द्वारा इस प्रदर्शन को दबाने के प्रयास ने आंदोलन को और गति दी है।

सोनम वांगचुक जैसे युवा सरोकारों से जुड़ी पहचान रखने वाले कार्यकर्ता इस मुद्दे पर लगातार जागरूकता बढ़ा रहे हैं और प्रशासन से न्यायपूर्ण संवाद की अपील कर रहे हैं।

यह घटनाक्रम भारतीय लोकतंत्र की गहराई से परख करता है कि कैसे युवा आवाज़ें और विरोध प्रदर्शनों को संभाला जाता है। आगामी दिनों में इस मामले में और स्पष्टता और कार्रवाई की उम्मीद है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)