नया खंड कई प्रमुख मेट्रो लाइनों के साथ इंटरचेंज की सुविधा भी देगा। सेंट्रल सचिवालय पर येलो और वायलेट लाइन, शिवाजी स्टेडियम पर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और इंद्रप्रस्थ पर ब्लू लाइन से सीधा जुड़ाव मिलेगा। इसके अलावा राजीव चौक और शिवाजी स्टेडियम के बीच एक समर्पित सबवे प्रस्तावित है, जिससे एयरपोर्ट लाइन से आने वाले यात्रियों को सीधे कनॉट प्लेस पहुंचने में सहूलियत होगी और राजीव चौक स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम होगा। इस विस्तार के तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ जैसे प्रमुख स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। फेज-चार के तहत 112.4 किमी लंबी छह नए कॉरिडोर पर हो रहा काम
भूमिगत नेटवर्क के लिहाज से भी मैजेंटा लाइन नया रिकॉर्ड बनाएगी। फिलहाल येलो लाइन पर सबसे अधिक 20 भूमिगत स्टेशन हैं, लेकिन फेज-पांच ए के पूरा होने के बाद मैजेंटा लाइन पर कुल 31 भूमिगत स्टेशन होंगे। यह दिल्ली मेट्रो के तकनीकी और इंजीनियरिंग विकास का भी प्रतीक माना जा रहा है। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 विस्तार के तहत कुल 112.4 किलोमीटर लंबी छह नई कॉरिडोर और 94 नए स्टेशनों की योजना है। इनमें से मजलिस पार्क–मौजपुर, रामकृष्ण आश्रम मार्ग–जनकपुरी वेस्ट और एरोसिटी–तुगलकाबाद (नई गोल्डन लाइन) कॉरिडोर के इस वर्ष जनता के लिए खुलने की संभावना है। इसके अलावा इंदरलोक–इंद्रप्रस्थ, रिठाला–नरेला–कुंडली और साकेत जी ब्लॉक–लाजपत नगर जैसे विस्तारों को भी मंजूरी मिल चुकी है। इन कॉरिडोर पर मेट्रो की ओर से काम भी शुरू कर दिया गया है।

