महाराष्ट्र सरकार ने पेड़ काटने के नियमों में सरलता लाई, औद्योगिक परियोजनाओं के अनुमोदन समय घटाया
महाराष्ट्र सरकार ने वन विभाग से संबंधित नियमों में सुधार करते हुए पेड़ काटने की अनुमति प्रक्रिया को सुगम बनाया है। इसके तहत औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अनुमोदन की समुचित अवधि अब 15 दिवस कर दी गई है, जिससे निवेशकों को सक्षम होने में तेजी आएगी।
सरकार ने Ease of Doing Business के तहत अपने पिछले परिपत्र को अपडेट करते हुए पेड़ कटाई अनुमति के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस आदेश में आवश्यक दस्तावेजों की सूची में बदलाव किया गया है तथा कुछ मामलों में अनुमति के लिए निर्धारित समय सीमा कम की गई है।
नवीन नियमों के अनुसार, पेड़ काटने की अनुमति हेतु आवेदन के साथ अब पांच अनिवार्य दस्तावेज संलग्न करना होंगे। इनमें 7/12 के पेड़ पंजीकरण सहित तारीख रहित अंश प्रतिलिपि, यदि भूमि पर कई व्यक्ति आबाद हों तो प्रत्येक से सहमति पत्र एवं सेतु से ली गई फोटो, संबंधित समूह, सर्वेक्षण या सर्वेक्षण संख्या का मानचित्र, अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए प्रमाणित जाति प्रमाण पत्र और काटे गए पेड़ों की जगह नए पेड़ लगाने की गारंटी पत्र शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, औद्योगिक परियोजनाओं के लिए अब अनुमोदन प्रक्रिया की अवधि 30 दिनों से घटाकर 15 दिनों की गई है। नए नियमों के अनुसार, औद्योगिक एवं सरकारी दोनों परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, लेकिन इसके लिए प्रस्ताव की विस्तृत जांच आवश्यक होगी।
महाराष्ट्र में पेड़ काटने के नियम महाराष्ट्र पेड़ कटाई (नियमन) अधिनियम, 1964 के अंतर्गत अत्यंत कड़ा नियंत्रण रखते हैं। किसी भी तरह के पेड़ को काटने के लिए ट्री ऑफिसर से पूर्व लिखित अनुमति अनिवार्य है, चाहे पेड़ निजी भूमि पर ही क्यों न हो। अधिकारी आवेदन की समीक्षा कर अनुमति प्रदान करने या अस्वीकृत करने का निर्णय ले सकता है।
विशाल परियोजनाओं के लिए, जिनमें 200 या उससे अधिक पेड़ों की कटाई शामिल हो, उच्च अधिकारियों द्वारा विस्तृत समीक्षा आवश्यक होती है। इन नए नियमों से अनुमति प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आने की उम्मीद है, जो निवेशकों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाएगी।