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Mumbai : 100 करोड़ का साइबर फ्रॉड – मुंबई-UP में सक्रिय 50 हजार का इनामी गिरफ्तार, सप्लाई किए थे 10 हजार से ज्यादा सिम…..

Crime : साइबर अपराध की दुनिया में ‘सिम कार्ड्स’ की अवैध सप्लाई करने वाले सबसे बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और मुंबई पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में 50,000 रुपये के इनामी जालसाज सिहान शेख को दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाके से गिरफ्तार किया है। मुंबई में साइबर अपराध के नेटवर्क पर बड़ी चोट करते हुए क्राइम इंटेलिजेंस यूननिट ने यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ ज्‍वॉइंट ऑपरेशन में एक कुख्यात सिम सप्लायर को गिरफ्तार किया है. पकड़ा गया आरोपी 35 वर्षीय सिहान शेख है, जिस पर ₹50 हजार का इनाम घोषित था।
सिहान शेख उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का रहने वाला है, लेकिन पिछले करीब 25 साल से मुंबई में रह रहा था, आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए 10 हजार से ज्यादा सिम कार्ड निकलवाए और इन्हें देश-विदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को सप्लाई किया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि इन सिम कार्ड्स की बड़ी खेप विदेशी साइबर गिरोहों तक पहुंचाई गई, जो लाओस, थाईलैंड और कंबोडिया से ऑपरेट हो रहे थे। पुलिस का कहना है कि कई सिम कार्ड विदेशी नागरिकों को ऊंची कीमत पर बेचे गए, जिनका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी, पार्सल फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग ऐप से जुड़े घोटालों में किया गया। जांच में सामने आया है कि शिहान शेख यूपी में सक्रिय एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का अहम सदस्य था। वह मुंबई से बड़ी संख्या में सिम कार्ड खरीदकर यूपी ले जाता था और अपने गांव के लोगों व गिरोह के सदस्यों को 1000 से 1200 रुपये प्रति सिम की दर से बेचता था।

इन सिम कार्डों को फर्जी आधार कार्ड के जरिए एक्टिवेट किया जाता था. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ टेलीकॉम कंपनियों के कर्मचारियों की मिलीभगत भी थी। इस मामले में पहले ही कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें:
1.अग्रहरि कम्युनिकेशन का मालिक और गैंग लीडर ओमप्रकाश अग्रहरि
2.वोडाफोन आइडिया के सेल्स एग्जीक्यूटिव शिवदयाल निषाद और जितेंद्र कुमार

  1. वकील व डिस्ट्रीब्यूटर राहुल पांडेय
    4.पीओएस एजेंट शिवबाबू
    5.रवि स्टूडियो का मालिक सुरेंद्र सिंह शामिल हैं
    6.टेलीकॉम कंपनियों में काम कर चुका था गैंग लीडर

STF की जांच में सामने आया है कि ओमप्रकाश अग्रहरि पहले हच, फिर वोडाफोन और बाद में जियो कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर व सेल्स एग्जीक्यूटिव की भूमिका निभा चुका था. वर्ष 2023 में वोडाफोन आइडिया की डिस्ट्रीब्यूटरशिप खत्म होने के बाद गिरोह ने फर्जी पीओएस एजेंट बनाकर सिम एक्टिवेशन का यह अवैध नेटवर्क खड़ा किया.

चित्रकूट में दर्ज हुई थी FIR
इस मामले में पहले चित्रकूट के राजापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसे आगे की जांच के लिए यूपी STF को सौंपा गया. शिहान शेख की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को कई और बड़े खुलासों की उम्मीद है. यह गिरोह देशभर में साइबर ठगी के लिए जिम्मेदार था और इसके और भी सदस्यों की तलाश जारी है. यूपी एसटीएफ को इनपुट मिला था कि सिहान शेख दक्षिण मुंबई के कोलाबा इलाके में छिपा हुआ है. इसी सूचना के आधार पर आरोपी के खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया गया और फिर मुंबई पुलिस व यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे दबोच लिया ….

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)