Maharashtra News: महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने शिक्षा जगत में नई उम्मीदों की किरण जगाई है। नांदेड में स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के 28वें दीक्षांत समारोह में 20 सितंबर को उन्होंने घोषणा की कि मार्च 2026 तक राज्य के वरिष्ठ कॉलेजों में 5,500 सहायक प्रोफेसरों के पद भरे जाएंगे। इसके साथ ही, 2,900 गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को भी हरी झंडी मिल चुकी है, जिसके लिए वित्त और योजना विभाग ने अपनी सहमति दे दी है।
पाटिल ने बताया कि इस भर्ती प्रक्रिया को गति देने के लिए जल्द ही सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी होगा, जिसके तहत सभी 5,500 पदों पर नियुक्तियां सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पहले 700 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती का आदेश जारी हुआ था, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा सुझाई गई अलग प्रक्रिया के कारण यह प्रक्रिया अधूरी रह गई। अब, जब राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति बन चुके हैं, इस मुद्दे को नए राज्यपाल आचार्य देवव्रत के समक्ष उठाया जाएगा ताकि भर्ती प्रक्रिया को त्वरित गति मिले।
विश्वविद्यालयों को वैश्विक मंच पर चमकाने की तैयारी
मंत्री ने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों को वैश्विक स्तर पर आकर्षक बनाने की जरूरत है ताकि विदेशी छात्रों का रुझान बढ़े। इस साल एक एजेंसी के जरिए 65 देशों से 4,000 छात्रों ने नामांकन कराया, लेकिन ज्यादातर ने पुणे और मुंबई जैसे शहरों को चुना। पाटिल ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा शक्ति समाज को नया आकार देने की ताकत रखती है। उन्होंने सुझाव दिया कि युवा न केवल अपने करियर पर ध्यान दें, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी, मूल्यों, उद्यमिता और नवाचार को भी अपनाएं।
युवाओं के लिए अवसरों का नया दौर
पाटिल ने अपने संबोधन में कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों के जरिए युवाओं के लिए अवसरों की नई राहें खोली हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे नए रास्ते तलाशें, प्रयोग करें और नवाचार को गले लगाएं, लेकिन हमेशा अपने कदमों को नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के आधार पर रखें। यह घोषणा न केवल शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा और संभावनाओं का नया द्वार भी खोलती है।


