• Sat. Jul 18th, 2026

महाराष्ट्र ने ओला, उबर और रैपिडो के लिए नियम कड़े किए; नई नीति सुरक्षा, किराए और चालक अधिकारों पर केंद्रित

Byadmin

Jul 18, 2026 #ais-, #rta, #source, #ulin
Maharashtra Tightens Rules for Ola, Uber and Rapido; New Policy Focuses on Safety, Fares and Driver Rights

महाराष्ट्र सरकार ने ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के लिए कड़े नियम लागू किए

महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र मोटर व्हीकल एग्रीगेटर (एमवीए) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सेवाओं के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा स्थापित किया है। यह नई नीति न केवल लाइसेंस अनिवार्य करती है, बल्कि किराए, सुरक्षा मानकों और चालकों के अधिकारों को भी सुनिश्चित करती है।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि ये नियम ऐप-आधारित परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों व चालकों दोनों के हितों की रक्षा हो सके।

सभी एग्रीगेटर्स के लिए राज्य लाइसेंस अनिवार्य

महाराष्ट्र में संचालन करने वाले सभी ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट एग्रीगेटर्स को प्रदेश परिवहन प्राधिकरण से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। प्रत्येक लाइसेंसधारी को एक विशिष्ट लाइसेंस पहचान संख्या (ULIN) प्रदान की जाएगी।

साथ ही, सरकार एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगी जहां जीपीएस के माध्यम से वाहनों की वास्तविक समय निगरानी, चालक सत्यापन और नियम उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में जारी पुराने लाइसेंस नई नियमावली के नोटिफिकेशन के बाद 60 दिनों तक मान्य रहेंगे या नए लाइसेंस जारी होने तक।

यात्री सुरक्षा प्रमुख मुद्दा

नई नियमावली में यात्री सुरक्षा और सेवा मानकों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रत्येक एग्रीगेटर के पास 24×7 ग्राहक सहायता केंद्र होना आवश्यक होगा, जिसमें एक शिकायत निवारण अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा और शिकायतों का निपटारा नियत समय सीमा में होगा।

नियमों के तहत सभी वाहनों में वैध परमिट, बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), क्लीन ई-चालान, AIS-140 समर्थित जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस पैनिक बटन के साथ और प्राथमिक चिकित्सा किट भी होनी चाहिए।

  • जीपीएस ट्रैकिंग और लाइव ट्रिप शेयरिंग अनिवार्य है।
  • मोबाइल ऐप्स साइबर सुरक्षा प्रमाणित होंगे।
  • विकलांग यात्रियों के लिए पहुँच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • शराब या मादक द्रव्यों के प्रभाव में ड्राइविंग पर सख्त प्रतिबंध।

चालकों को 80% किराया सुनिश्चित

चालकों के आय संरक्षण के लिए नीति में बड़ा बदलाव किया गया है। एग्रीगेटर्स को सुनिश्चित करना होगा कि चालक को कुल किराए का कम से कम 80% मिले। सुविधा शुल्क मॉडल में चालक को आधार किराए का 95% प्राप्त होगा, जिससे प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों की कमीशन सीमित रहेगी।

इसके अलावा, ड्राइविंग लाइसेंस, वाणिज्यिक बैज, अनिवार्य प्रशिक्षण पूरा करना और लगातार 12 घंटे से अधिक न चलाने के नियम शामिल हैं। नीति के तहत चालक एक से अधिक प्लेटफॉर्म के साथ काम कर सकते हैं।

किराए और सर्ज प्राइसिंग पर नियंत्रण

क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) ऐप-आधारित परिवहन सेवाओं के लिए आधार किराया निर्धारित करेगा। नए नियमों के अनुसार, एग्रीगेटर्स आधार किराए से 25% तक कम मांग कर सकते हैं, जबकि सर्ज प्राइसिंग का अधिकतम 1.5 गुना रहेगा। सुविधा शुल्कों के लिए भी नियमन होगा ताकि यात्रियों से अधिक शुल्क न लिया जाए।

सरकार का मानना है कि ये कदम पारदर्शी और उचित मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करेंगे और अनावश्यक छूट देने से बचाएंगे।

नियम उल्लंघन पर भारी दंड

नियमों का उल्लंघन करने वाले एग्रीगेटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय की गई है। कई बार की शिकायतों या सुरक्षा एवं संचालन में लापरवाही पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किए जा सकते हैं।

उल्लंघन की गंभीरता के अनुसार 1 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।

वाहन उम्र सीमा निर्धारित

एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर ऑपरेट होने वाले वाहनों के लिए स्पष्ट पात्रता मानदंड तय किए गए हैं। सभी वाहनों के पास वैध पंजीकरण, परमिट, बीमा, फिटनेस प्रमाणपत्र और पीयूसी होना अनिवार्य है।

  • कभी नौ वर्ष से अधिक पुराने टॅक्सी और ऑटो रिक्शा सेवा में नहीं होंगे।
  • बसें बारह वर्ष से अधिक पुरानी संचालित नहीं हो सकेंगी।

फ्लीट स्वामित्व पर सीमा

बाजार में बड़े फ्लीट ऑपरेटरों के प्रभुत्व को रोकने के लिए वाहनों की संख्या सीमा निर्धारित की गई है।

  • मुंबई, पुणे, नाशिक एवं नागपुर में प्रति प्लेटफॉर्म अधिकतम 50 वाहन।
  • महाराष्ट्र के अन्य भागों में प्रति प्लेटफॉर्म अधिकतम 25 वाहन।
इससे व्यक्तिगत वाहन स्वामियों की भागीदारी को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

चालकों के लिए मराठी भाषा की आवश्यकता

कमर्शियल पैसेंजर चालक को महाराष्ट्र निवासी होने का प्रमाण तथा मराठी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान प्रस्तुत करके सरकारी बैज लेना होगा। इससे यात्रियों से बेहतर संवाद एवं मराठी युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे।

महिलाओं के लिए विशेष राइड-पूलिंग विकल्प

महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, राइड-पूलिंग सेवा में महिला यात्री केवल महिला चालक या महिला सह-यात्री के साथ यात्रा कर सकेंगी। इसके साथ ही सभी ऐप्स और वेबसाइट मराठी, हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होंगे।

कारपूलिंग के लिए कानूनी ढांचा

महाराष्ट्र ने निजी कारपूलिंग को कानूनी रूप से मान्यता दी है। निजी वाहन मालिक बिना लाभ कमाए यात्रा व्यय साझा कर सकेंगे।

सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक जाम कम होगा, प्रदूषण घटेगा और यात्रियों के लिए किफायती विकल्प उपलब्ध होंगे।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा

नीति में फ्लीट में इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी को प्रोत्साहित किया गया है। कंपनीयों को विकलांग यात्रियों के लिए उपयुक्त वाहनों को शामिल करना भी अनिवार्य होगा।

सरकार का दृष्टिकोण

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि यह नई नियमावली संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के उद्देश्य से है जो यात्रियों की सुरक्षा, चालकों के उचित अधिकार और ऐप आधारित सेवाओं के जिम्मेदार विकास को सुनिश्चित करेगी।

सरकार का दावा है कि इससे किराए के संग्रह में पारदर्शिता बढ़ेगी, यात्री विश्वास मजबूत होगा, निगरानी कड़ी होगी और महाराष्ट्र में शहरी गतिशीलता का दीर्घकालीन विकास होगा।

Source

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)