दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी के प्रमुख सहयोगी को गिरफ्तार किया गया
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार को एक बड़ा आतंकवादी हथियार तस्करी नेटवर्क भंग करते हुए इसके मुख्य सदस्य प्रवीण कुमार उर्फ टिट्टू को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोISI के सहयोग से चलाए जा रहे आतंकी और हथियार तस्करी मॉड्यूल के संदिग्ध गुट से जोड़ा जा रहा है।
45 वर्षीय प्रवीण कुमार दक्षिण दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर रोहित चौधरी का करीबी बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से इटली निर्मित सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
दिल्ली पुलिस के एंटी-रॉबरी और स्नैचिंग सेल (एआरएससी) ने इंस्पेक्टर मान सिंह एवं सुंदर गौतम के नेतृत्व में यह गिरफ्तारी की, जिसकी निगरानी एसीपी संजय कुमार नागपाल कर रहे थे। यह कार्रवाई 14 मार्च को दर्ज एफआईआर संख्या 49/26 के तहत हुई जांच के दौरान संपन्न हुई जो कि भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट एवं यूएपीए की धाराओं के अंतर्गत दर्ज थी।
पुलिस के अनुसार, प्रवीण कुमार ने शाहबाज अंसारी द्वारा संचालित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी एवं आतंकवादी नेटवर्क के जरिए विदेशी निर्मित अत्याधुनिक अवैध हथियारों की आपूर्ति और वितरण में अहम भूमिका निभाई।
इस मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही, 25 विदेशी हथियार—including एक सब-मशीन गन— और 221 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। जांच में यह भी पता चला कि यह नेटवर्क पाकिस्तान की इंटर-सेवा इंटेलिजेंस (ISI) द्वारा समर्थित था। यूएपीए के तहत कड़े प्रावधान लागू किए गए हैं।
प्रवीण कुमार, जो मालवीय नगर दिल्ली का निवासी है, वर्तमान में आया नगर में प्रॉपर्टी डीलर था। जांच में सामने आया कि वह विवादित प्रॉपर्टी कब्जा, अवैध अतिक्रमण, प्लॉटिंग जैसे अपराधों में संलिप्त था। इसके अतिरिक्त, अवैध कमाई को वह जुए और सट्टेबाजी में खर्च करता था।
गिरफ्तारी से पहले प्रवीण कुमार के ऊपर 2 लाख रुपए का इनाम था, वहीं गैंगस्टर रोहित चौधरी पर 4 लाख रुपए का इनाम था, जिसे पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई।
जेल में रहने के दौरान प्रवीण का संपर्क सह-आरोपी निशांत अरोड़ा से हुआ था जिसके बाद जमानत मिलने के पश्चात उसने असल अवैध हथियारों की खरीद और सप्लाई तेज कर दी थी, जिससे आया नगर-मेहरौली इलाके में भय का माहौल फैल गया।
रोहित चौधरी का गैंग हत्या, रंगदारी, संगठित अपराध एवं हथियारों के अवैध कब्जे में संलिप्त रहा है। उसका गिरोह आया नगर, पुष्प विहार, अंबेडकर नगर में सक्रिय था, जहां वे प्रतिद्वंदियों को निशाना बनाते थे और प्रॉपर्टी डीलरों एवं सट्टेबाजों से रंगदारी वसूलते थे।
दिल्ली पुलिस ने रोहित चौधरी के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया है, साथ ही उसके कई साथियों को हथियार संबंधी और हिंसक अपराधों में गिरफ्तार किया गया है।
प्रवीण कुमार का आपराधिक इतिहास भी लंबा है, जिसमें हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, रंगदारी, दंगे भड़काने और आर्म्स एक्ट उल्लंघन के मामले शामिल हैं, जो दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश की पुलिस में दर्ज हैं।
यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के लिए आतंकी और हथियार तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता है, जो राजधानी को सुरक्षित बनाए रखने के प्रयासों में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।