Report By: ICN Network
मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि मराठा समाज को ओबीसी वर्ग के अंतर्गत 10% आरक्षण नहीं दिया गया तो वह 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो प्रदर्शन और तेज़ होंगे।
जरांगे ने एलान किया कि उनका मार्च 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी से शुरू होगा। यात्रा शिवनेरी किले सहित कई शहरों से होकर गुज़रेगी और 29 अगस्त को मुंबई के आज़ाद मैदान में भूख हड़ताल में बदलेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसमें यातायात अवरोध या अराजकता नहीं होगी।
आंदोलनकारी नेता ने सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले 18 महीनों से ‘सगे-सोयरे’ से जुड़ी अधिसूचना लागू नहीं की गई है। जरांगे ने दोहराया कि मराठा समाज को आरक्षण ओबीसी कोटे से मिलना चाहिए, न कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के 10% हिस्से से।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर सरकार जिद पर अड़ी रही तो यह राज्य और देश के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। उन्होंने दावा किया कि दो महीने पहले उन्होंने महाराष्ट्र के सभी 288 विधायकों से, जिनमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार शामिल हैं, समाज की आवाज़ सुनने की अपील की थी। साथ ही मराठा समाज के डॉक्टरों, शिक्षकों, किसानों और आम नागरिकों से आंदोलन में जुड़ने का आह्वान किया।
इस बीच भाजपा ने जरांगे पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि वे एनसीपी प्रमुख शरद पवार के इशारे पर काम कर रहे हैं और फडणवीस को चुनिंदा तरीके से निशाना बना रहे हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता प्रवीण दरेकर ने उन पर फडणवीस की मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा व्यक्ति छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुयायी नहीं हो सकता।
हालांकि जरांगे ने सफाई दी कि उन्होंने मुख्यमंत्री की मां के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, “अगर मेरे मुंह से कुछ अनुचित निकला है तो मैं उसे वापस लेता हूं।”