महाराष्ट्र में मराठी भाषा को प्राथमिकता देने की बात एक बार फिर सामने आई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि राज्य की अपनी भाषा होने के कारण मराठी का सम्मान और इस्तेमाल जरूरी है, लेकिन दूसरी भाषा बोलने वाले लोगों के साथ सिर्फ भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा।
फडणवीस ने पैसेंजर ट्रांसपोर्ट से जुड़े ड्राइवरों के लिए मराठी की जानकारी को लेकर चल रही चर्चा पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइवरों को मराठी का पूरा ज्ञान हासिल करने की जरूरत नहीं है। यात्रियों से सामान्य बातचीत के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ आसान वाक्य और शब्द जानना पर्याप्त होगा।
उन्होंने बताया कि इसके लिए एक छोटा-सा बेसिक सिलेबस तैयार किया गया है। इसमें रोजमर्रा की बातचीत में काम आने वाले आसान मराठी वाक्य शामिल हैं, जैसे यात्रियों से बैठने या दूसरी जरूरी बात कहने के सामान्य तरीके।
नए नियमों के तहत ऑटो, टैक्सी और ऐप से चलने वाली कैब के ड्राइवरों के लिए मराठी की कामचलाऊ जानकारी जरूरी बताई गई है। नियमों का पालन नहीं करने पर लाइसेंस कुछ समय के लिए निलंबित किया जा सकता है और बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द भी हो सकता है।
फडणवीस ने यह भी कहा कि भाषा किसी विवाद की वजह नहीं बननी चाहिए। उनका कहना है कि महाराष्ट्र में मराठी को सम्मान मिलना चाहिए, साथ ही देश की दूसरी भाषाओं का भी उतना ही सम्मान किया जाना जरूरी है।

