SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अहम सुनवाई हुई। CJI सूर्यकांत ने साफ कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 के बदले हुए फॉर्मेट को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी है।
कोर्ट ने कहा कि मामले से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद यह देखा जाएगा कि Form 6 में बदलाव किसने किया और इसके लिए किसकी अनुमति ली गई थी।
दरअसल, SIR प्रक्रिया के दौरान Form 6 में एक नया हिस्सा जोड़े जाने को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इस बदलाव के तहत नए वोटर से खुद या अपने माता-पिता और दादा-दादी का नाम पुराने SIR रिकॉर्ड में होने से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही थी।
इस बदलाव को लेकर चुनाव आयोग के अंदर भी आपत्तियां सामने आने की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अब चुनाव आयोग से इससे जुड़े रिकॉर्ड पेश करने को कहा है, ताकि पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सके।
यह मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े कुछ फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आया। कोर्ट ने फिलहाल संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

