एमसीडी के तबादला आदेश में मृत और निलंबित जेई के शामिल होने से विवाद
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा जारी तबादला आदेश में एक मृत और एक निलंबित जूनियर इंजीनियर (जेई) का नाम शामिल होने के कारण नई विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा शासित निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एमसीडी के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 5 जून को जारी पत्र संख्या 165 में जेई अपूर्व भटनागर और जेई अतुल कुमार सुमन के तबादले का उल्लेख था। अपूर्व भटनागर का सात महीने पहले निधन हो चुका है जबकि अतुल कुमार सुमन पिछले नौ महीने से निलंबित हैं। इस आदेश पर अतिरिक्त उपायुक्त (इंजीनियरिंग) के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं, जो अनुचित और प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाते हैं।
आप नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा और निगम प्रशासन की इस घटना को गंभीर अनुरूप बताया। उन्होंने निगम के रिकॉर्ड में इस तरह की खामियों पर चिंता व्यक्त की और मांग की कि मृत और निलंबित कर्मचारियों के नाम ट्रांसफर सूची में शामिल करने वाले अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
नारंग ने कहा कि यह घटना एमसीडी की विभागीय निगरानी और रिकॉर्ड प्रबंधन की विफलताओं को उजागर करती है। ऐसे मामलों से एमसीडी के प्रशासनिक संगठन की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगते हैं, इसलिए भविष्य में इस तरह की त्रुटियों से बचने के लिए डिजिटल सत्यापन प्रणाली का अविलंब कार्यान्वयन आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि मामले के सार्वजनिक होते ही एमसीडी प्रशासन ने उक्त तबादला आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही उन्होंने निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और महापौर से इस मामले में जवाबदेही तय करने और सुधारात्मक कदम उठाने की भी मांग की है, ताकि निगम की प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।