एमसीडी ने वर्ष 2025-26 की संपत्तिकर माफी योजना की अवधि 31 जनवरी तक बढ़ा दी है। अब करदाता पांच प्रतिशत विलंब शुल्क के साथ इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
एमसीडी की संपत्तिकर निपटान योजना ‘सुनियो’ (संपत्तिकर निपटान योजना) को नागरिकों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसी को देखते हुए एमसीडी ने वर्ष 2025-26 की संपत्तिकर माफी योजना की अवधि 31 जनवरी तक बढ़ा दी है। अब करदाता पांच प्रतिशत विलंब शुल्क के साथ इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। योजना के विस्तार से न सिर्फ करदाताओं को राहत मिली है, बल्कि एमसीडी के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
महापौर राजा इकबाल सिंह ने बताया कि सुनियो योजना के तहत करदाता वित्त वर्ष 2020–21 से पूर्व की अवधि के लिए देय संपत्तिकर, ब्याज और दंड पर पूर्ण छूट प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें चालू वित्त वर्ष 2025–26 और उससे पहले के पांच वित्त वर्षों (2020–21 से 2024–25) की मूल संपत्तिकर राशि का भुगतान करना होगा।
गत 31 दिसंबर तक 1,66,587 करदाताओं ने इस योजना का लाभ उठाया है और 803.61 करोड़ रुपये का संपत्तिकर जमा कराया है। इसमें 1,20,157 आवासीय संपत्तियों से 188.28 करोड़ रुपये और 46,430 गैर-आवासीय संपत्तियों से 615.32 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ है। खास बात यह है कि 90,139 नए करदाताओं ने पहली बार सुनियो योजना के तहत संपत्तिकर अदा किया, जिससे 312.45 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला।
एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में (सुनियो योजना सहित) 31 दिसंबर 2025 तक कुल कर संग्रह 2,642.80 करोड़ रुपये रहा है, जो 12,42,875 करदाताओं से प्राप्त हुआ। इसके मुकाबले पिछले वर्ष की समान अवधि में 10,31,177 करदाताओं से 1,859.77 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ था। इस तरह कर संग्रह में 42.1 प्रतिशत और करदाताओं की संख्या में 20.52 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2024–25 में संपत्तिकर संग्रह 2,132.29 करोड़ रुपये था, जिसे चालू वित्त वर्ष में पहले ही पार कर लिया गया है।