अपना घर होने का सपना हर आम इंसान देखता है, और इसी सपने को पूरा करने की दिशा में महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने बड़ा फैसला लिया है। छत्रपति संभाजीनगर म्हाडा बोर्ड ने अगले पांच वर्षों में 5,000 किफायती घर उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है, जो मराठवाड़ा के आठों जिलों के लोगों को राहत देगा। 1977 में स्थापित यह हाउसिंग बोर्ड लंबे समय से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय, मध्यम आय और उच्च आय समूहों को सही कीमतों पर घर उपलब्ध कराने का काम करता आया है।
छत्रपति संभाजीनगर, जो मराठवाड़ा का सबसे बड़ा और तेजी से विकसित हो रहा महानगर है, पर्यटन, औद्योगिक परियोजनाओं और बढ़ते रोजगार अवसरों के कारण लगातार फैल रहा है। शेंद्रा, वालुज, DMIC जैसे औद्योगिक क्षेत्र, बड़ी कंपनियों के निवेश, और शिक्षा–स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के कारण शहर के आसपास नई बस्तियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए म्हाडा ने किफायती घरों का निर्माण तेज करने का निर्णय लिया है।
योजना के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत नक्षत्रवाड़ी के ग्रुप नंबर 9 में 6.4 हेक्टेयर भूमि पर 1,056 फ्लैट्स का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है, जिसकी लॉटरी हाल ही में निकाली गई। इसके अलावा 20% समग्र योजना के तहत 21 फ्लैट और 18 प्लॉट उपलब्ध कराए गए, जबकि चिकलथाना में 154 घरों की पेशकश की गई। कुल मिलाकर 759 घर अभी भी उपलब्ध हैं, जिनकी नई लॉटरी जल्द आयोजित की जाएगी। महाराष्ट्र टाइम्स से बातचीत में मुख्य कार्यकारी अधिकारी दत्तात्रेय नवले ने बताया कि लोगों के उत्साहपूर्ण रिस्पॉन्स को देखकर ही अगले पांच वर्षों में 5,000 नए घर बनाने का निर्णय लिया गया है।
जहां तक निर्माण स्थानों की बात है, म्हाडा के पास नक्षत्रवाड़ी में 10.56 हेक्टेयर, इसी क्षेत्र में सर्वे नंबर 9 में 5.2 हेक्टेयर, दो हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि, गरखेड़ा में आधा एकड़ और देवलाई में 10 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है। इन सभी स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से नए और किफायती घरों का निर्माण होगा। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुधाकर बहेगावणकर के अनुसार, इन जमीनों पर आधुनिक लेकिन आम आदमी की पहुंच में आने वाले घर बनाए जाएंगे।