मिड-डे मील के भोजन में चूहा मिलने की घटना के बाद व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग एक्शन मोड में आ गया है। किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए अब कई स्कूलों में बच्चों को पैक्ड फूड उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित भोजन मिल सके।
राजकीय स्कूलों में मिड-डे मील का भोजन अब पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही बच्चों तक पहुंचाया जा रहा है। रसोई घरों में भोजन तैयार होने से लेकर स्कूलों में भेजे जाने तक उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता पर लगातार नजर रखी जा रही है। साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की नियमित जांच की जा रही है, ताकि बच्चों को केवल सुरक्षित और पौष्टिक भोजन ही मिल सके।
इन्हीं व्यवस्थाओं की समीक्षा और आगे की रणनीति तय करने के लिए 12 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में मिड-डे मील योजना के क्रियान्वयन, भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।