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गुरुग्राम: यूरोप, साइबेरिया और मध्य एशिया जैसे ठंडे क्षेत्रों से आए प्रवासी पक्षियों ने यहां अपना बसेरा डाल लिया

सुल्तानपुर नेशनल पार्क एक बार फिर प्रवासी पक्षियों की खुशहाल चहचहाहट से गुलजार हो उठा है। सर्दियों का मौसम चरम पर होने के कारण यूरोप, साइबेरिया और मध्य एशिया जैसे ठंडे क्षेत्रों से आए प्रवासी पक्षियों ने यहां अपना बसेरा डाल लिया है। यह छोटा लेकिन बेहद मनमोहक उद्यान, 15 हजार से अधिक विदेशी परिंदों की प्रजातियों का आशियाना है। राष्ट्रीय राजधानी से महज 50 किलोमीटर दूर स्थित यह उद्यान न केवल पक्षी प्रेमियों के लिए, बल्कि फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी एक आदर्श गंतव्य है।
प्रवासी और स्थानीय पक्षियों का अद्भुत संगम

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की विविधता देखते ही बनती है। सर्दियों के मौसम में जब यूरोप, साइबेरिया और मध्य एशिया जैसे ठंडे इलाकों में बर्फ जम जाती है, तब बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी यहां आते हैं। इन प्रवासी पक्षियों में साइबेरियन क्रेन, ग्रेटर फ्लेमिंगो, नॉर्दर्न पिंटेल, ब्लैक-हेडेड आइबिस और ग्रे लैग जैसे शानदार पक्षी शामिल हैं। उनकी रंग-बिरंगी सुंदरता और मधुर चह-चहाहट से पूरा वातावरण जीवंत हो उठता है। इसके अलावा यहां साल भर स्थानीय प्रजातियों का भी जमावड़ा लगा रहता है। इंडियन रोलर, पर्पल सनबर्ड, ब्लैक फ्रैंकोलिन और पेंटेड स्टॉर्क जैसे पक्षी पूरे साल, खासकर सुबह और दोपहर के समय देखे जा सकते हैं।

सुविधाएं और पर्यटक अनुभव
सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान में आगंतुकों के अनुभव को यादगार बनाने के लिए कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। झील के किनारे-किनारे एक ग्राउंड ट्रेल बना हुआ है, जिस पर चलते हुए आप प्रकृति के करीब जा सकते हैं। रास्ते में चार वॉच टावर हैं, जहां से आप दूर उड़ते पक्षियों और पूरे पार्क का शानदार दृश्य देख सकते हैं। ऊंचाई पर पहुंचने पर ठंडी हवा का एहसास, पक्षियों का संगीत और शांत झील का नजारा मन को सुकून देता है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )

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