डीएमके ने विजय की टीवीके को सरकार बनाने का मौका देने का जताया इरादा
तमिलनाडु में हाल ही हुए चुनावों के बाद राजनीतिक परिस्थितियाँ तेजी से बदल रही हैं। द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) के अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने The Times of India को बताया कि उनकी पार्टी अभिनेता-राजनेता विजय की तमिलगा वेट्ट्री कझगम (टीवीके) को तमिलनाडु में सरकार बनाने का मौका देगी और वह छह महीने तक बिना हस्तक्षेप के स्थिति का निरीक्षण करेगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब डीएमके और प्रतिद्वंद्वी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआइएडिएमके) के बीच संभावित गठबंधन सरकार बनाने को लेकर बातचीत चल रही है।
सोमवार को पहली बार चुनाव में उतरी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी, जिसने 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतीं। हालांकि, यह बहुमत के लिए आबश्यक 118 सीटों से छह सीटें कम है और इसे सरकार बनाने के लिए अन्य पार्टियों के समर्थन की जरूरत है।
बुधवार को कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा की जिसके कुछ घंटे बाद विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अरलेकर से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा प्रस्तुत किया।
चूंकि कांग्रेस के पास केवल पांच सीटें हैं, इस गठजोड़ को बहुमत के लिए अभी भी पांच और सीटों की आवश्यकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्यपाल ने विजय से बहुमत साबित करने के लिए प्रमाण मांगा है।
टीवीके फिलहाल विदुतलाई चिरुथिगल कच्छ (वीसीके), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से बातचीत कर रही है, जो दो-दो सीटें जीत चुकी हैं। ये पार्टियां भी डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थीं।
इस प्रकार की परिस्थिति में तमिलनाडु की राजनीति में एक नई राह बनती दिखाई दे रही है, जिसमें नए गठबंधनों और सहयोगों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। स्थिति स्पष्ट होने तक राजनीतिक गतिविधियां जारी रहेंगी।