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द्विली: Mobile फोन बनेगा आपका मेट्रो कार्ड न टिकट की लाइन

दिल्ली मेट्रो अब यात्रियों को अपने स्मार्टफोन को वर्चुअल स्मार्ट कार्ड के रूप में उपयोग करने की सुविधा दे रही है। Delhi Metro Sarthi App के माध्यम से, उपयोगकर्ता QR-आधारित मल्टी-यूज वर्चुअल कार्ड बना सकते हैं। इससे फिजिकल कार्ड रखने, उसे रिचार्ज करने या खोने की चिंता खत्म हो जाती है। न्यूनतम ₹150 के रिचार्ज के साथ, यात्री बिना लाइन में लगे आसानी से मेट्रो में यात्रा कर सकते हैं, जिससे यात्रा और सुविधाजनक हो जाती है।

क्या आपको भी अपने साथ मेट्रो कार्ड केरी करना मुश्किल लगता है? या आप भी कभी-कभी मेट्रो कार्ड घर भूल जाते हैं या फिर आपके वॉलेट में भी कार्ड रखने की जगह नहीं है तो आप अपने मोबाइल फोन को भी मेट्रो कार्ड बना सकते हैं। जी हां, अब आपको कार्ड खो जाने की भी टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, आपका स्मार्टफोन ही आपका मेट्रो कार्ड बन सकता है। कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करके आप अपने फोन में एक ऐसा QR-बेस्ड वर्चुअल स्मार्ट कार्ड तैयार कर सकते हैं, जिससे हर बार बिना टिकट जनरेट किए, बिना फिजिकल कार्ड के आराम से मेट्रो में एंट्री कर सकते हैं

दरअसल दिल्ली मेट्रो अपने AFC गेट्स पर QR टिकटिंग सिस्टम ऑफर कर रहा है। इसी से अब आप एप के जरिए एक मल्टी-यूज QR कोड बना कर यूज कर सकते हैं। इस एक कोड से जब तक कि आपका बैलेंस खत्म न हो जाए आप बार-बार ट्रेवल कर सकते हैं। इससे फिजिकल कार्ड रखने उसे रिचार्ज कराने या खोने का डर भी खत्म हो जाता है।

इसे सेटअप करने के लिए आपको अपने फोन में Delhi Metro Sarthi App इंस्टॉल करना होगा। पहले यही ऐप Momentum 2.0 नाम से आता था। यह एप Android और iOS दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

फोन को मेट्रो कार्ड कैसे बनाएं?

  • सबसे पहले अपने फोन में Delhi Metro Sarthi App डाउनलोड करें।
  • इसके बाद मोबाइल नंबर डालकर OTP के साथ लॉग इन कर लें।
  • अब होम स्क्रीन पर Virtual Smart Card ऑप्शन को सेलेक्ट करें।
  • इसके लिए आपको मिनिमम 150 रुपये का रिचार्ज करना होगा।
  • रिचार्ज कम्पलीट होते ही आपका मल्टी-यूज QR कोड ऑन हो जाएगा।
अब इसी QR कोड से आप तब तक ट्रेवल कर सकते हैं जब तक आपके कार्ड में बैलेंस खत्म न हो जाए। यानी आपको न तो नया कोड जनरेट करने की जरूरत है और न ही किसी लाइन में लगना पड़ेगा और कार्ड साथ रखने का झंझट भी खत्म हो जाता है।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )