एनएचएआई का नया हाईवे डिजिटल मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म शुरुआती चरण में देश के आठ चुनिंदा प्रोजेक्ट्स पर लागू किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट देश में भर में फैले हुए हैं। इसमें ओडिशा का रामेश्वरम–पुरी–रतनपुर कॉरिडोर, झारखंड-बिहार-पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला मोरेग्राम–किशनगंज मार्ग और हिमाचल प्रदेश का शिमला–मतौर कॉरिडोर जैसे डीपीआर स्टेज के प्रोजेक्ट शामिल हैं। वहीं निर्माणाधीन परियोजनाओं में आगरा–ग्वालियर ग्रीनफील्ड और बायपास, पश्चिम बंगाल का खड़गपुर–मोरेग्राम मार्ग, शिमला–मतौर कॉरिडोर के अलावा वाराणसी के गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं। अलग-अलग संरचनाओं में होगी सिस्टम की परख
इन प्रोजेक्ट्स का चयन इस तरह किया गया है कि अलग-अलग भौगोलिक और तकनीकी परिस्थितियों जैसे पहाड़ी, मैदानी और एलिवेटेड संरचनाओं में सिस्टम की क्षमता को परखा जा सके। यही प्रोजेक्ट्स आगे देशभर में इस डिजिटल मॉडल के विस्तार की दिशा तय करेंगे। यह प्लेटफॉर्म बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग और डिजिटल ट्विन जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित होगा। इसके जरिए हाईवे प्रोजेक्ट्स का एक वर्चुअल मॉडल तैयार किया जाएगा, जिससे किसी भी बदलाव के प्रभाव को पहले से समझा जा सकेगा।

