डॉ पूर्वा ने बताया कि जब तक इन्फेक्शन कंट्रोल नहीं किया जाएगा, तब तक एंटीमाइक्रोवियन रेसिस्टेस को रोक पाना संभव नहीं है। अमेरिका जैसे देशों ने 30 से 40 माल पहले ही इन्फेक्शन कंट्रोल करने पर काम शुरू कर दिया, जबकि भारत इसमें पीछे रहा है। हालांकि, अब हालात बदल रहे हैं और केंद्र सरकार इस दिशा में नेशनल प्रोग्राम लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि पूर्वा माथुर ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल एक्शन प्लान ऑन एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेस जारी किया है। इस योजना के 6 पिलर्स में से तीसरा पिलर इन्फेक्शन कंट्रोल से जुड़ा है। इसके तहत एम्स नई दिल्ली को सहयोगी इंस्टीट्यूट बनाया गया है। यह देश के लिए इन्फेक्शन कंट्रोल कार्यक्रम तैयार करने में मंत्रालय की मदद करेगा।
दिल्ली: आईसीयू में होते हैं सबसे ज्यादा और खतरनाक संक्रमण, बढ़ जाता है मरीज की मौत का खतरा
डॉ पूर्वा ने बताया कि जब तक इन्फेक्शन कंट्रोल नहीं किया जाएगा, तब तक एंटीमाइक्रोवियन रेसिस्टेस को रोक पाना संभव नहीं है। अमेरिका जैसे देशों ने 30 से 40 माल पहले ही इन्फेक्शन कंट्रोल करने पर काम शुरू कर दिया, जबकि भारत इसमें पीछे रहा है। हालांकि, अब हालात बदल रहे हैं और केंद्र सरकार इस दिशा में नेशनल प्रोग्राम लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि पूर्वा माथुर ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल एक्शन प्लान ऑन एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेस जारी किया है। इस योजना के 6 पिलर्स में से तीसरा पिलर इन्फेक्शन कंट्रोल से जुड़ा है। इसके तहत एम्स नई दिल्ली को सहयोगी इंस्टीट्यूट बनाया गया है। यह देश के लिए इन्फेक्शन कंट्रोल कार्यक्रम तैयार करने में मंत्रालय की मदद करेगा।

