बीएमसी ३० वर्षों के लिए आर्य अस्पताल का प्रबंधन संभालेगा, स्वास्थ्य सेवा में होगा सुधार
मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने महाराष्ट्र सरकार से आर्य अस्पताल को ३० वर्षों के लिए संचालित करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे आर्य क्षेत्र की आदिवासी एवं वन्य इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके।
यह योजना बीएमसी की सुधार समिति की बैठक में चर्चा में आई। इस योजना के तहत, राज्य सरकार अस्पताल भवन और कर्मचारियों के क्वार्टर बिना किसी शुल्क के नगर निगम को सौंपेगी। हालांकि संपत्ति की मालिकाना हक़ियत राज्य सरकार की ही बनी रहेगी और ३० वर्षों के बाद इसे वापस लिया जाएगा।
इस समझौते के मुताबिक, बीएमसी अस्पताल प्रबंधन, रखरखाव, मरम्मत, बिजली-जल के बिल, कर, अनुमति एवं अन्य कानूनी जिम्मेदारियों को वहन करेगा।
वर्तमान में आर्य अस्पताल केवल बाह्य रोगी (OPD) सेवाएं प्रदान कर रहा है। बीएमसी के प्रबंधन में आने के बाद इसकी सुविधाओं का विस्तार कर इसे और अधिक व्यापक और गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवा केंद्र बनाया जाएगा।
अस्पताल का क्षेत्रफल १२५७.९० वर्ग मीटर और कर्मचारी क्वार्टर का क्षेत्रफल ६७४.३० वर्ग मीटर है, जिससे कुल क्षेत्रफल १९३२.२० वर्ग मीटर होता है।
यह अस्पताल गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों के लिए किफायती चिकित्सा सेवा प्रदान करता रहेगा, साथ ही डेयरी विकास विभाग के कर्मचारियों और आर्य मिल्क कॉलोनी के श्रमिकों के लिए भी सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
चूंकि यह अस्पताल संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है, इसलिए किसी भी भविष्य के पुनर्विकास या बड़ी निर्माण गतिविधि के लिए पर्यावरण प्राधिकरणों की अनुमति आवश्यक होगी।
सुधार समिति ने चर्चा के बाद इस प्रस्ताव को आवश्यक संशोधनों के लिए प्रशासन को लौटा दिया है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद बीएमसी आर्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए आगे बढ़ेगा।
यदि यह योजना लागू होती है तो यह आदिवासी समुदायों एवं स्थानीय निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुँच को महत्वपूर्ण रूप से बेहतर बनाएगी।
संदर्भ: मुंबई की झीलों में ७.७३% उपयोगी जल संग्रहण रिपोर्ट