मुंबई में बिना अनुमति लगाए जा रहे बैनर, होर्डिंग और पोस्टरों के खिलाफ बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने कार्रवाई तेज कर दी है। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच नगर निगम ने शहरभर से 40,172 अवैध प्रचार सामग्री हटाई। इनमें सबसे ज्यादा राजनीतिक प्रचार से जुड़े बैनर और विज्ञापन शामिल थे। मेयर रितु तावड़े ने ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए सख्त अभियान शुरू किया है।
BMC के आंकड़ों के मुताबिक, नौ महीने में हटाई गई प्रचार सामग्री में 19,409 राजनीतिक विज्ञापन थे। इसके अलावा 14,133 धार्मिक या सामाजिक प्रचार सामग्री और 6,630 व्यावसायिक विज्ञापन हटाए गए। यानी कुल कार्रवाई में 83 प्रतिशत से ज्यादा सामग्री राजनीतिक और धार्मिक प्रचार से जुड़ी थी।
नगर निगम की टीमों ने इस दौरान 28,352 बैनर, 8,458 होर्डिंग, 2,058 पोस्टर और 998 झंडे भी हटाए।
अवैध प्रचार सामग्री के खिलाफ चलाए गए अभियान में 176 मामले दर्ज किए गए और पुलिस को 277 शिकायतें भेजी गईं। हालांकि, इनमें से केवल दो शिकायतों पर औपचारिक पुलिस केस दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
BMC का अभियान उन बैनरों और होर्डिंग के खिलाफ भी चलाया जा रहा है, जिन्हें अनुमति की अवधि खत्म होने के बाद भी नहीं हटाया गया था। बिना मंजूरी लगाए गए पोस्टर, झंडे और अस्थायी स्वागत द्वार भी इस कार्रवाई के दायरे में हैं।
मुंबई में अवैध विज्ञापनों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। नगर निगम हर साल करीब 15 हजार से 20 हजार तक गैरकानूनी होर्डिंग हटाता है। चुनाव, त्योहार और राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान ऐसी प्रचार सामग्री की संख्या बढ़ जाती है।
अवैध होर्डिंग केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित नहीं करते, बल्कि गलत तरीके से लगाए जाने पर लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। घाटकोपर में होर्डिंग गिरने की घटना के बाद विज्ञापन लगाने के नियमों को लेकर सख्ती और बढ़ाई गई है।
मुंबई में सार्वजनिक जगहों पर बैनर, पोस्टर या होर्डिंग लगाने के लिए तय नियमों का पालन करना जरूरी है। बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
BMC का कहना है कि शहर को साफ-सुथरा रखने और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध प्रचार रोकने के लिए अभियान जारी रहेगा।

