मुंबई। मुंबई में अवैध झुग्गियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। यह कार्रवाई 1 अक्टूबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 14 फीट या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले निर्माणों को निशाना बनाया जाएगा।
इस अभियान की घोषणा हाल ही में अवैध बस्तियों में हुए दो बड़े हादसों के बाद की गई है। इन घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई थी।
हादसों के बाद लिया गया फैसला
अगस्त में कुर्ला में पहाड़ी के किनारे बसी बस्ती में भूस्खलन हुआ था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले जुलाई में भारी बारिश के दौरान मानखुर्द में एक मकान ढह गया था। इस हादसे में छह बच्चों की जान चली गई थी। दोनों घटनाओं में प्रभावित लोग कथित तौर पर अनधिकृत निर्माणों में रह रहे थे।
अभियान शुरू होने से पहले अधिकारियों ने लोगों से अपने घरों के अवैध हिस्सों को खुद हटाने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि तय सीमा के अंदर निर्माण नहीं करने पर निगम कार्रवाई कर सकता है।
मुंबई में 39,111 निर्माण तय सीमा से ऊंचे
BMC के आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई में करीब 2.23 लाख झुग्गी बस्तियां दर्ज हैं। इनमें से 39,111 निर्माण ऐसे पाए गए हैं, जिनकी ऊंचाई 14 फीट या उससे अधिक है। निगम के नियमों के तहत तय सीमा से ज्यादा ऊंचाई वाले ऐसे निर्माणों को अनधिकृत माना जाता है।
इलाके के हिसाब से इन निर्माणों का आंकड़ा इस प्रकार है:
- पूर्वी उपनगर: 31,227 निर्माण
- पश्चिमी उपनगर: 4,536 निर्माण
- आइलैंड सिटी: 3,348 निर्माण
पहले चरण में 611 संपत्तियों को नोटिस
BMC ने कुछ निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। पहले चरण में 611 संपत्तियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
कई झुग्गी बस्तियां राज्य सरकार या केंद्र सरकार की जमीन पर बनी हुई हैं। ऐसे में कार्रवाई के लिए अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल जरूरी है। इसी सिलसिले में BMC, राज्य सरकार और कलेक्टर कार्यालय के अधिकारियों की बैठक भी हुई, जिसमें अतिक्रमण हटाने को लेकर चर्चा की गई।
पहाड़ी इलाकों में निर्माण को लेकर पहले भी जताई गई थी चिंता
कुर्ला में हुए भूस्खलन से पहले भी संवेदनशील इलाकों में निर्माण को लेकर चिंता जताई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने पहाड़ी की ढलान पर मकान बनाने का काम रोकने की सलाह दी थी। ऐसे इलाकों में लगातार निर्माण से जुड़े जोखिमों को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी।
मानसून के बाद सरकारी जमीन से हटाए जाएंगे कब्जे
मुंबई कलेक्टर कार्यालय की ओर से मानसून खत्म होने के बाद सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू किए जाने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया अदालत के निर्देशों और तय नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक, अदालत के आदेश के कारण मानसून के दौरान बेदखली अभियान पर रोक रहती है। इसलिए फिलहाल लोगों को नोटिस देकर खुद जगह खाली करने या अवैध हिस्से हटाने का मौका दिया जा रहा है।
अगर लोग नोटिस का पालन नहीं करते हैं, तो मानसून के बाद नियमों के मुताबिक तोड़फोड़ और बेदखली की कार्रवाई की जा सकती है। तीन महीने तक चलने वाले इस अभियान में खास तौर पर तय ऊंचाई से ज्यादा वाले और असुरक्षित निर्माणों पर ध्यान दिया जाएगा।

