• Thu. Sep 24th, 2026

India Core News | Read Latest Trending News..

आपका इंडिया आपकी न्यूज़

मुंबई क्राइम ब्रांच की 117 साल पुरानी इमारत के पत्थरों से बनेगा स्मारक, हाल ही में हुआ था ध्वस्तीकरण

मुंबई क्राइम ब्रांच की ऐतिहासिक इमारत को पिछले सप्ताह असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ध्वस्त कर दिया गया। अब प्रशासन उसी इमारत के पत्थरों का उपयोग नायगांव पुलिस मुख्यालय के परेड ग्राउंड में एक विशेष स्मारक तैयार करने के लिए करेगा। यह वही इमारत है, जहां स्वतंत्रता से पहले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को गिरफ्तार किया गया था।

26/11 मुंबई आतंकी हमले के दोषी अजमल कसाब से भी इसी भवन में पूछताछ की गई थी। 1908 में मलाड के पत्थरों से निर्मित यह इमारत 9 जून 1909 से क्राइम ब्रांच का मुख्य केंद्र रही और वर्षों तक संगठित अपराध, गैंग वार, आतंकवाद और बड़े आर्थिक अपराधों की जांच का हब बनी रही।

इसी जगह से 26/11 हमले की जांच, कसाब की पूछताछ, गुलशन कुमार हत्याकांड, दाऊद इब्राहिम और डी-कंपनी से जुड़े केस, और IPL सट्टेबाजी की जांच संचालित की गई थीं।

अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच की विरासत को खत्म नहीं होने दिया जाएगा। ध्वस्त संरचना से निकले उपयोगी पत्थरों को सुरक्षित रखा जा रहा है और योजना है कि इन्हें परेड ग्राउंड पर किले-जैसी स्मारक दीवार बनाने में उपयोग किया जाए। प्रस्ताव की तकनीकी जांच अभी जारी है।

पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि इन पत्थरों को सम्मानपूर्वक संरक्षित किया जाए। यदि तकनीकी रूप से संभव हुआ तो यह स्मारक दीवार मुंबई पुलिस की शक्ति और उनकी ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक बनेगी।

पुरानी इमारत की जगह अब एक अत्याधुनिक छह मंजिला मुख्यालय बनाया जाएगा, जिसमें आधुनिक CCTV सर्विलांस सेंटर, कंट्रोल रूम, प्रशासनिक दफ्तर और पूछताछ कक्ष शामिल होंगे।

जब तक नया भवन तैयार नहीं हो जाता, क्राइम ब्रांच की सभी यूनिट्स पुलिस आयुक्त कार्यालय परिसर में बने नए प्रशासनिक ब्लॉक से अस्थायी रूप से अपना काम जारी रखेंगी।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)