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मुंबई में गणेश विसर्जन के लिए 383 से ज्यादा कृत्रिम तालाब बनाए गए

मुंबई में अनंत चतुर्दशी के मौके पर गणपति विसर्जन को सुरक्षित तरीके से कराने के लिए BMC की ओर से खास इंतजाम किए गए थे। शहर में 25 हजार से ज्यादा नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए थे।

विसर्जन के लिए मुंबई में 278 जगहों की व्यवस्था की गई थी। इनमें 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थल थे, जबकि 383 से ज्यादा कृत्रिम तालाब बनाए गए थे।

विसर्जन स्थलों पर 1,194 स्टील प्लेट, 23 जर्मन राफ्ट, 34 क्रेन, 85 एंबुलेंस और 10 मोटरबोट की व्यवस्था की गई थी। भीड़ और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 1,132 लाइफगार्ड, 6,052 फ्लडलाइट और सर्चलाइट, 261 स्वागत केंद्र, 228 कंट्रोल रूम और 75 निगरानी टावर भी लगाए गए थे।

इसके अलावा 489 अस्थायी शौचालय, 498 निर्माल्य कलश और 326 निर्माल्य डंपर भी उपलब्ध कराए गए थे।

गिरगांव चौपाटी पर भी खास तैयारी

गिरगांव चौपाटी के स्वराज्य भूमि इलाके में भी बड़ी व्यवस्था की गई थी। यहां 12 कृत्रिम तालाब और 20 निगरानी टावर बनाए गए थे। साथ ही 22 राफ्ट, 90 शौचालय और करीब 2 हजार कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।

यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 3 एंबुलेंस, 548 फ्लडलाइट और 11 सर्चलाइट की व्यवस्था भी की गई थी। आपात स्थिति में अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया था।

विसर्जन के रास्तों की भी मरम्मत की गई

गणपति विसर्जन के जुलूस जिन रास्तों से गुजरने वाले थे, वहां भी पहले से तैयारी की गई थी। 506 सड़कों पर 4,279 गड्ढों की मरम्मत की गई थी। इसके साथ ही 171 ड्रेन कवर भी ठीक किए गए थे।

जुलूस के रास्ते में परेशानी पैदा करने वाले केबल 281 जगहों से हटाए गए थे और 515 जगहों पर पेड़ों की कटाई-छंटाई की गई थी।

6 फीट तक की मूर्तियों के लिए कृत्रिम तालाब

बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार, 6 फीट तक ऊंची गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में किया जाना था। इसके लिए BMC की ओर से पर्याप्त व्यवस्था की गई थी।

BMC के मुताबिक, गणेशोत्सव के दौरान अब तक 1,63,386 मूर्तियों का विसर्जन किया जा चुका था।

725 वॉलंटियर्स को दिया गया प्रशिक्षण

आपात स्थिति में मदद के लिए सार्वजनिक गणेश मंडलों के 725 वॉलंटियर्स को फर्स्ट एड और CPR की ट्रेनिंग दी गई थी। हर मंडल से करीब 8 से 10 लोगों को इसका प्रशिक्षण दिया गया था।

BMC ने लोगों से समुद्र में उतरते समय सावधानी बरतने की अपील भी की थी। समुद्र में ब्लू-बटन जेलीफिश और स्टिंगरे मछलियों की मौजूदगी को देखते हुए लोगों से प्रशासन और मुंबई पुलिस की सुरक्षा गाइडलाइन मानने को कहा गया था।

By admin

Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)