मुंबई में स्मार्ट ट्री असेसमेंट पायलट परियोजना का शुभारंभ, शहरी वृक्ष संरक्षण में तकनीकी क्रांति
मुंबई के एच-वेस्ट वार्ड में शहरी वृक्ष संरक्षण के लिए एक तकनीकी पहल की गई है। स्मार्ट ट्री असेसमेंट पायलट परियोजना के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और LiDAR तकनीक का उपयोग कर शहर के पेड़ों का डिजिटल मानचित्रण, निगरानी व स्वास्थ्य मूल्यांकन किया जाएगा। यह परियोजना मुंबई की हरित संरचना के बेहतर प्रबंधन और शहरी वनस्पति प्रथाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पायलट कार्यक्रम का उद्घाटन महाराष्ट्र के सूचना प्रौद्योगिकी तथा सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशिष शेलार ने किया, जिनके विधानसभा क्षेत्र में एच-वेस्ट वार्ड शामिल है। यह तकनीक 2026 में मुंबई में आयोजित दूसरी अंतरराष्ट्रीय वृक्ष विज्ञान सम्मेलन के दौरान देखी गई क्षमताओं के बाद अपनाई गई। इसके बाद इस प्रणाली को वार्ड में प्रदर्शनी परियोजना के रूप में लागू करने के प्रयास शुरू किए गए।
परियोजना के अंतर्गत क्षेत्र के सभी सड़क वृक्षों का विशेष वाहन-स्थापित LiDAR स्कैनर के द्वारा डिजिटल सर्वेक्षण किया जाएगा। AI-सहायता प्राप्त विश्लेषण से ‘‘डिजिटल ट्विन’’ नामक विस्तृत त्रि-आयामी प्रतिरूप तैयार किए जाएंगे। इन मॉडलों की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने हेतु प्रमाणित वृक्ष विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाएगी।
वृक्षों का संपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया तैयार की गई है, जिसमें उनकी संरचनात्मक स्थिरता, स्वास्थ्य स्थिति और संभावित जोखिमों का परीक्षण किया जाएगा। इसके साथ ही रखरखाव और भविष्य की देखभाल के लिए सुझाव भी प्रदान किए जाएंगे। इस प्रक्रिया से एक वैज्ञानिक डेटा बेस निर्मित होगा, जो शहरी वृक्षों के बेहतर प्रबंधन में सहायता करेगा।
परियोजना के तहत GPS स्थान, वृक्ष की प्रजाति, अनुमानित आयु, सुरक्षा संकेतक और पर्यावरणीय योगदान से संबंधित विस्तृत 3D जियोटैगड सूची बनाई जाएगी। ऐसा डिजिटल डाटा नगर निगम अधिकारियों को शहर के पर्यावरणीय संसाधनों की बेहतर समझ प्रदान करेगा।
सार्वजनिक सुरक्षा में भी इस पहल से महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है। खतरा उत्पन्न करने वाले, रोगग्रस्त या अस्थिर वृक्षों को शीघ्र पहचान कर दुर्घटना से पहले सावधानी बरती जा सकेगी। इससे वृक्षों के रखरखाव और जोखिम प्रबंधन में दक्षता बढ़ेगी।
यह परियोजना बीएमसी के SMILE काउंसिल द्वारा प्रायोजित है और Treecotech LLP तथा Greehill PTE के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इसे भारत में वृक्ष स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए AI और LiDAR तकनीक के बड़े पैमाने पर पहले उपयोगों में से एक माना जा रहा है।
यदि यह मॉडल सफल हुआ तो इसे मुंबई के अन्य इलाकों में और फिर अन्य भारतीय शहरों में भी विस्तारित किया जा सकता है। उन्नत तकनीक और वृक्ष संरक्षण विशेषज्ञता के समन्वय से शहरी वन प्रबंधन के लिए एक अधिक डेटा-आधारित और सतत ढांचा स्थापित होगा, जो देश में वृक्ष संरक्षण और पर्यावरणीय योजना के क्षेत्र में नया मानदंड स्थापित करेगा।