सेंट्रल रेलवे की विशेष जांचें: टिकट बिना यात्रा पर कड़ी कार्रवाई
मुंबई की सेंट्रल रेलवे डिवीजन अपने व्यापक उपनगरीय नेटवर्क के माध्यम से रोजाना लगभग 40 लाख से अधिक यात्रियों का परिवहन करती है। इस नेटवर्क में CSMT से करजत/खोपोली/कसारा, CSMT से पनवेल/उरण, CSMT से माहिम और ठाणे से वाशी तक के मार्ग शामिल हैं, जिनमें 108 एयर कंडीशंड लोकल ट्रेनें भी सम्मिलित हैं। सिर्फ सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के अलावा, सेंट्रल रेलवे की जिम्मेदारी टिकट बिना यात्रा करने वाले अनुचित यात्रियों की पहचान कर उन्हें दंडित करना भी है, जो नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी राजस्व हानि का कारण बनते हैं। यात्रियों की यह विशाल संख्या कार्य को चुनौतीपूर्ण बनाती है। इसके चलते, रेलवे ने विविध प्रकार की विशेष जांचों की संरचना की है ताकि असामान्य और टिकट रहित यात्रियों का पता लगाया जा सके और उचित कार्रवाई हो सके। अप्रैल से मई 2026 के बीच इन जांचों के माध्यम से 61 दिनों में 14,744 मामलों में कुल 62.08 लाख रुपये वसूले गए, जो प्रति दिन औसतन 1.01 लाख रुपये की वसूली दर्शाता है।विशेष जांचों के प्रकार:
- 1. किलेबंदी जांच (Fortress Check): स्टेशन के सभी प्रवेश व निकास द्वारों पर टिकट जांच कर्मियों, RPF, GRP और वाणिज्यिक अधिकारियों की एक बड़ी टीम द्वारा स्टेशन का घेरा बनाकर हर यात्री की जांच की जाती है, जिससे कोई टिकट बिना यात्रा करने वाला बच न सके।
- 2. विशेष किलेबंदी जांच (Special Fortress Check): यह उच्च स्तर की, व्यापक जांच है जो आमतौर पर एक प्रमुख स्टेशन या जंक्शन पर होती है और जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति होती है। यहाँ 50 से 100 स्टाफ की तैनाती होती है और सभी यात्रियों की सघन जांच की जाती है।
- 3. घातक जांच (Ambush Check): यह अप्रत्याशित जांच होती है जिसमें टिकट जांच दल बिना पूर्व सूचना के चलती ट्रेन के बीच या ठहराव वाले गैर-निर्धारित स्टेशन से चढ़कर टिकट रहित यात्रियों को पकड़ता है। टीम में 8 से 15 सदस्य होते हैं जो तेजी से और गुप्त तरीके से जांच करते हैं।
- 4. स्पॉट जांच (Spot Check): यह सीमित समय के लिए एक निश्चित स्थान जैसे प्लेटफॉर्म, गेट, कोच, या आरक्षित स्थान पर अचानक की जाने वाली टिकट जांच है। यह छोटे दल द्वारा की जाती है और यात्रियों को चौंकाने वाली होती है।
- 5. सघन जांच (Intensive Check): यह किसी विशेष ट्रेन, मार्ग, या जालसाजी के प्रकार पर समयानुकूल लगातार जांच होती है। उदाहरण स्वरूप, कुछ दिनों या हफ्तों तक कोई विशेष ट्रेन या सेक्शन का निरीक्षण।
- 6. क्रॉस कंट्री जांच (Cross Country Check): विभिन्न डिवीजनों या ज़ोन के बीच समन्वित जांच अभियान जिसमें कर्मचारी अपनी संबंधित सीमाओं से बाहर जाकर दूसरी जगह जांच करते हैं, जिससे स्थानीय प्रभाव कम होता है और टिकट रहित यात्रियों की पहचान में मदद मिलती है।

