मायानगरी मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह बेहद आपत्तिजनक है। लोकल ट्रेनों में लगे अश्लील पोस्टर देखकर यात्री भड़क उठे और तुरंत इन्हें हटाने की मांग की।
कल्याण–कसारा–कर्जत रेलवे प्रवासी संघ और डिविजनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी (DRUCC) ने इन पोस्टरों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि प्रतिदिन लाखों यात्री—जिनमें स्कूल-कॉलेज के छात्र, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं—इन ट्रेनों से यात्रा करते हैं, ऐसे में ऐसे अश्लील विज्ञापन पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।
संघ के अध्यक्ष राजेश घनघव ने सवाल उठाया कि क्या व्यावसायिक आय के नाम पर समाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखा जा सकता है? वहीं DRUCC ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कहा कि ऐसे विज्ञापन सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन हैं और रेलवे प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाते हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि वे विज्ञापनों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कुछ स्पष्ट दिशानिर्देश होने चाहिए ताकि सार्वजनिक जगहों पर अशोभनीय सामग्री न लगाई जाए। उनका आरोप है कि यह केवल एक पोस्टर का मामला नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की अनदेखी का संकेत है।
विवाद उस समय भड़का जब कसारा–CSMT लोकल, जो शाम 6:15 पर कसारा पहुँची, में यात्रियों ने इन अश्लील पोस्टरों को देखा। इसके बाद DRUCC के सदस्य श्याम उबाले और स्थानीय प्रतिनिधि युवराज पंडित ने तुरंत धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
यात्रियों का कहना है कि यदि रेलवे तुरंत कार्रवाई नहीं करता, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा