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मुंबई मानसून और आपकी आँखें: मुम्बईकरों के लिए लक्षण, रोकथाम और इलाज की जानकारी

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Jul 20, 2026 #conjunctivitis, #source
Mumbai Monsoon and Your Eyes: What Mumbaikar Needs to Know From Symptoms, Prevention, Treatments

मुंबई में मानसून के दौरान बढ़ती आँखों की बीमारियों पर नियंत्रण आवश्यक

हर वर्ष, जैसे ही मुंबई में पहली बारिश होती है, जून और जुलाई के महीनों में आँखों की बीमारियों में वृद्धि देखी जाती है। नगर निगम के स्वास्थ्य रिकॉर्ड इस प्रवृत्ति को बार-बार दर्शाते हैं।

पिछले वर्ष भी, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शहर में संक्रमण conjunctivitis के मामलों में दो सप्ताह में तीन गुना वृद्धि हुई थी, और कई प्रमुख अस्पतालों में रोजाना 15 से 20 नए मामले दर्ज हो रहे थे।

हालांकि, यह समस्या सभी को समान रूप से प्रभावित नहीं करती। एक बहु-केन्द्रीय क्लिनिकल अध्ययन के अनुसार, 94% प्रभावित मरीजों की दोनों आँखें संक्रमित थीं, तथा 19 से 49 वर्ष आयु वर्ग के वयस्क इस संक्रमण का अधिक हिस्सा रखते हैं, जिसके बाद 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे भी काफी संख्या में हैं।

यह आमतौर पर उन कामकाजी वयस्कों और स्कूल जाने वाले बच्चों को प्रभावित करता है, जो भीड़भाड़ वाली रेलवे या बस यात्रा करते हैं और साझा डेस्क व स्टेशनरी उपयोग करते हैं।

डॉ. सोनल देसाई, क्रेस, कॉर्निया एवं रिफ्रेक्टिव सर्जन, डॉ. अग्रवाल्स आई हॉस्पिटल, कल्याण, बताती हैं कि मुंबई के मानसून में conjunctivitis समस्या एक प्रमुख स्वास्थ्य चुनौती है। वे लक्षणों, रोकथाम और उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव भी देती हैं।

बारिश के मौसम में यह समस्या क्यों उत्पन्न होती है?

आर्द्रता और निथरी हुई जल-संचय जगहों पर वायरस एवं बैक्टीरिया के जीवित रहने के लिए अनुकूल स्थिति बनती है। ये संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के हाथों या सामान के सीधे संपर्क से फैलता है, जिससे घर, स्कूल और कार्यालयों में यह तेजी से फैलता है।

लक्षण

सामान्य लक्षणों में लालिमा, पानी आना, खुजली, रेत जैसा एहसास, चिपचिपा मवाद (अक्सर सुबह सबसे पहले दिखाई देता है) तथा प्रकाश से संवेदनशीलता शामिल हैं। अगर आपको दर्द या दृष्टि धुंधली हो तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें क्योंकि ये गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं।

रोकथाम

बार-बार हाथ धोएं और आँखों को रगड़ने से बचें। तौलिये, तकीये के कवर या मेकअप साझा न करें। कंटैक्ट लेंस पहनने वालों को भारी बारिश या बाढ़ के समय इसका उपयोग करने से बचना चाहिए, टैप पानी से लेंस धोएं नहीं, और हमेशा नया स्टरलाइज़्ड सॉल्यूशन ही इस्तेमाल करें। यदि लक्षण प्रकट हों, तो घर पर रह कर संक्रमण के फैलाव को रोकना जरूरी है।

उपचार

अधिकांश वायरल conjunctivitis स्वयं सामान्यतः एक सप्ताह में ठीक हो जाता है; लुब्रिकेटिंग ड्रॉप और ठंडी सेक से आराम मिलता है। बैक्टीरियल संक्रमण में डॉक्टर द्वारा निर्धारित एंटीबायोटिक ड्रॉप जरूरी होते हैं। किसी भी स्थिति में स्टेरॉयड आई ड्रॉप स्वयं से न उपयोग करें क्योंकि इससे संक्रमण बढ़ सकता है और नुकसान अधिक होता है।

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Journalist & Entertainer Ankit Srivastav ( Ankshree)