मुंबई में जल संकट गहरा, नगरपालिका ने लगाए कड़े प्रतिबंध
मुंबई नगर निगम ने मंगलवार को जल संरक्षण के अतिरिक्त उपायों की घोषणा की है। इसके अनुसार, शहर में जलापूर्ति करने वाले जलाशयों में केवल 10.3% पानी बचा है, जिससे आपूर्ति में कटौती अनिवार्य हो गई है।
नगर निगम ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और खेल क्लबों के लिए पानी की आपूर्ति में 20% की कटौती की जाएगी। इसके अतिरिक्त, तैराकी स्वीमिंग पूल और निर्माण गतिविधियों के लिए जल कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिए जाएंगे। ये नए प्रतिबंध बुधवार से लागू होंगे।
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे गाड़ियों की सफाई, बागवानी एवं पार्कों की सिंचाई तथा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई के लिए बोरवेल या कुएं के पानी का प्रयोग करें। साथ ही, निर्माण परियोजनाओं के लिए नई जल कनेक्शन की व्यवस्था भी तब तक टाल दी गई है जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
इसके अलावा, नगर निगम ने रेलवे, चेम्बूर क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय रासायनिक और उर्वरक कंपनी, पेट्रोलियम कंपनियों, भारतीय नौसेना, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम व बंदरगाह प्राधिकरणों से अनुरोध किया है कि वे कोलाबा एवं अन्य सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्राप्त उपचारित जल का पुन: उपयोग करें।
मुंबई में जलाशयों के स्तर में लगातार गिरावट एवं देरी से आई मानसून की वजह से नगरपालिका ने पानी की बचत के लिए पहले भी कई कदम उठाए थे। मई 15 से जलापूर्ति में पहले ही 10% की कटौती कर दी गई थी।
ऐल निनो जैसी जलवायु घटनाएं, जो समुद्री तापमान को बढ़ाती हैं, मानसून के विलंब का प्रमुख कारण मानी जाती हैं। इसके चलते शहर के जल संसाधन प्रभावित हुए हैं, जिससे कड़े कदम उठाना जरूरी हो गया है।