मुंबई: मुंबई पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 15 दिनों के लिए एहतियाती पाबंदियां लागू की हैं। इसके तहत 25 सितंबर से 9 अक्टूबर तक पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने और जुलूस निकालने पर रोक रहेगी।
यह आदेश 22 सितंबर को पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशंस) और कार्यकारी मजिस्ट्रेट अकबर पठान ने जारी किया था। यह 25 सितंबर की रात 12:01 बजे से लागू होगा और 9 अक्टूबर की आधी रात तक प्रभावी रहेगा।
पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर शांति और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए ये कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों की जान और संपत्ति को संभावित खतरे का भी जिक्र किया है। यह आदेश महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37(3) और धारा 10(2) के तहत जारी किया गया है।
मुंबई में किन गतिविधियों पर रहेगी रोक?
आदेश के मुताबिक, तय अवधि के दौरान:
- पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर पाबंदी रहेगी।
- किसी भी संख्या में लोगों के जुलूस निकालने पर रोक होगी।
- जुलूस के दौरान लाउडस्पीकर, संगीत वाद्ययंत्र और म्यूजिकल बैंड के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी।
- जुलूस के दौरान पटाखे फोड़ने पर भी रोक रहेगी।
किन कार्यक्रमों को मिली है छूट?
पुलिस के आदेश में कई सामान्य और कानूनी गतिविधियों को छूट दी गई है। इनमें शादी समारोह, अंतिम संस्कार और श्मशान घाट या कब्रिस्तान तक जाने वाले जुलूस शामिल हैं।
कंपनियों, क्लबों, सहकारी समितियों, संस्थानों और एसोसिएशन की नियमित गतिविधियों के लिए होने वाली कानूनी बैठकें और सामाजिक आयोजन भी छूट के दायरे में रहेंगे।
इसके अलावा, सिनेमा हॉल, थिएटर और मनोरंजन स्थलों पर फिल्म, नाटक या अन्य कार्यक्रम देखने के लिए जुटने वाले लोगों पर ये पाबंदियां लागू नहीं होंगी।
कोर्ट, सरकारी कार्यालयों और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में आधिकारिक या अर्ध-सरकारी कामकाज से जुड़ी सभाओं को भी छूट दी गई है।
स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई से संबंधित गतिविधियों के लिए होने वाले जमावड़े भी प्रतिबंध से बाहर रहेंगे। फैक्ट्रियों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में सामान्य व्यापार और कामकाज से जुड़ी बैठकों की भी अनुमति होगी।
दूसरे जमावड़ों के लिए पुलिस की मंजूरी जरूरी
आदेश के अनुसार, अन्य सभाओं और जुलूसों को मुंबई के जोनल पुलिस उपायुक्त और उनके वरिष्ठ अधिकारी अनुमति दे सकते हैं।
पुलिस ने आदेश की प्रतियां प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों में लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, लाउडस्पीकर, मेगाफोन और अन्य उपलब्ध माध्यमों से भी लोगों को इन पाबंदियों की जानकारी दी जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, 15 दिन की अवधि पूरी होने के बाद भी आदेश के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच या कानूनी कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। नियम तोड़ने पर लगने वाला जुर्माना, सजा या जब्ती की कार्रवाई प्रतिबंध खत्म होने के बाद भी जारी रह सकती है।

