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दिल्ली: विदेश से आते ही नंदू गिरोह का बदमाश दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के एक प्रमुख सदस्य मनोज राठी (33) को दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। वह करीब दो साल से फरार था और विदेश में था। दिल्ली की एक अदालत ने उसे कई आपराधिक मामलों में भगोड़ा घोषित कर रखा था।

स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक के अनुसार हरियाणा निवासी मनोज राठी नजफगढ़ पुलिस थाने में 2021 में दर्ज हत्या के एक मामले में, बाबा हरिदास नगर थाना और विशेष प्रकोष्ठ में शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज दो मामलों में वांछित था। नौ जनवरी को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) के आधार पर राठी को रोका गया और बाद में उसे इंस्पेक्टर सतीश राणा और इंस्पेक्टर अशोक की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। राठी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम का मामला चार फरवरी 2024 का है, जब मध्यप्रदेश के दो हथियार तस्कर अंकित मिश्रा और जितेंद्र राजपूत को विशेष प्रकोष्ठ ने गिरफ्तार किया था और उनसे 12 अवैध पिस्तौल बरामद की थीं।

पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान दोनों ने खुलासा किया कि यह (हथियारों की) खेप मनोज राठी और दिल्ली में उनके सहयोगियों के लिए थी। पुलिस की जांच में यह पता चला था कि तस्करों की गिरफ्तारी के तुरंत बाद राठी देश छोड़कर भाग गया था। पांच मार्च 2024 को एक अदालत द्वारा उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। उसके बाद एक एलओसी जारी की गई। पूछताछ के दौरान राठी ने खुलासा किया कि वह 2021 में नजफगढ़ थाना में दर्ज हत्या के एक मामले में भी वांछित था। राठी 2019 में गैंगस्टर कपिल सांगवान के संपर्क में आया और उसके गिरोह के लिए काम करने लगा।

जेल से बाहर आते ही शुरू कर दी हथियारों की तस्करी
आरोपी ने बताया कि वर्ष 2021 में उसने और उसके साथियों ने कथित तौर पर सांगवान के निर्देश पर नजफगढ़ में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या कर दी, जिसके बाद राठी को गिरफ्तार किया गया और लगभग तीन साल जेल में बिताने के बाद वह जमानत पर बाहर आया था। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद, राठी ने मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश स्थित तस्करों से गिरोह के लिए अवैध हथियारों की खरीद का समन्वय शुरू किया। बाद में वह विदेश भाग गया और देश के बाहर से ही गिरोह के लिए काम कर रहा था।

By Ankshree

Ankit Srivastav (Editor in Chief )