महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बीजेपी के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिस कॉन्स्टेबल शैलेश पाटिल के खिलाफ 22 वर्षीय युवती की शिकायत पर कथित गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया है। युवती ने शिकायत में बताया कि उसे बंदूक दिखाकर जबरन बंधक बनाया गया और भिवंडी के बापगांव में मौजूद एक फार्महाउस पर ले जाया गया। आरोप है कि वहां उसे शराब पीने के लिए मजबूर किया गया और शराब पिलाने के बाद उसका यौन उत्पीड़न किया गया। मामले में पुलिस ने अभी तक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।
पुलिस की जानकारी के अनुसार, महिला अपनी शादी से संबंधित कुछ समस्याओं से परेशान थी। इसी मामले में मदद करने और मध्यस्थता की पेशकश के बाद कथित तौर पर नरेंद्र पवार ने उसे अपने कार्यालय बुलाया था। महिला की शिकायत के मुताबिक, 13 सितंबर को पवार और शैलेश पाटिल उसे बापगांव स्थित फार्महाउस लेकर पहुंचे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फार्महाउस पर हथियार के जरिए महिला को डराया गया और जबरन शराब पिलाई गई। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर उसका यौन उत्पीड़न किया। महिला का कहना है कि नरेंद्र पवार के वहां से चले जाने के बाद शैलेश पाटिल ने भी उसके साथ कथित यौन उत्पीड़न किया। बाद में आरोपियों के एक साथी ने महिला को उसके घर पहुंचाया।
घटना के कुछ दिन बाद, 16 सितंबर को महिला ने सोशल मीडिया के माध्यम से कांग्रेस पार्षद कंचन कुलकर्णी से संपर्क किया। उसने कुलकर्णी को पूरी घटना की जानकारी देने के साथ कथित घटना से संबंधित वीडियो फुटेज और WhatsApp चैट समेत कुछ सबूत भी दिए।
कंचन कुलकर्णी के मुताबिक, महिला की पूरी बात जानने के बाद वह उसे पडघा पुलिस स्टेशन लेकर गईं। पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते के हस्तक्षेप के बाद पडघा थाने के वरिष्ठ निरीक्षक पंकज गिरी ने मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद महिला की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई।
नरेंद्र पवार ने आरोपों को बताया झूठा
नरेंद्र पवार ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इन्हें झूठा बताते हुए राजनीतिक साजिश का हिस्सा बताया। पवार ने महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण को पत्र भी लिखा और पार्टी में अपने सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने आरोपों को दोहराते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।

