नासिक रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) के अधिकार क्षेत्र में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाने को लेकर वाहन मालिकों की उदासीनता लगातार बनी हुई है। सरकार ने भले ही HSRP की डेडलाइन बढ़ाकर दिसंबर के अंत तक कर दी हो, लेकिन स्थिति यह है कि क्षेत्र में लगभग 67 प्रतिशत गाड़ियों पर अभी भी यह मॉडर्न नंबर प्लेट नहीं लगाई गई है। RTO ने साफ कर दिया है कि बिना HSRP वाले वाहनों के नियमित कामकाज पर रोक लगाई गई है और अगले चरण में दंडात्मक कार्रवाई शुरू होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्टर्ड सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य किया है, ताकि वाहनों की सुरक्षा और ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सके। नासिक RTO के तहत करीब 9,94,893 वाहनों पर HSRP लगाना अनिवार्य है, लेकिन वाहन मालिकों की अनदेखी के चलते काम उम्मीद से काफी पीछे है। सरकार ने पहले भी कई बार समय सीमा बढ़ाई है, और 30 नवंबर को खत्म होने वाली डेडलाइन को फिर से बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया है। इसके बावजूद नासिक में 30 नवंबर तक सिर्फ 32% वाहनों पर ही HSRP लग पाई, जबकि बाकी 67% वाहन मालिक न तो नंबर प्लेट लगवा रहे हैं और न ही इसके लिए पंजीयन करा रहे हैं। इस धीमी प्रगति को देखकर परिवहन विभाग चिंतित है कि एक महीने में इस बड़े लक्ष्य को पूरा कैसे किया जाएगा।
जिले में HSRP लगाने का काम मेसर्स FT AHSRP सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया है, जो नासिक में 95 जगहों पर फिटिंग सेंटर चला रही है। वाहन मालिक www.transport.maharashtra.gov.in पर जाकर निर्धारित शुल्क का भुगतान कर ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकते हैं और तय समय पर सेंटर जाकर नंबर प्लेट लगवा सकते हैं। हालांकि, बढ़ती मांग और धीमी प्रक्रिया के कारण वर्तमान में करीब 33 हजार वाहन मालिक स्लॉट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।